नया सवेरा नेटवर्क
महबूबाबाद। दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को महबूबाबाद रेलवे स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने काचीगुड़ा से वारंगल तक विशेष ट्रेन से रियर विंडो निरीक्षण किया। साथ ही महबूबाबाद और ताडला पुसापल्ली स्टेशनों के बीच ट्रैक रिलेइंग ट्रेन (टीआरटी) से चल रहे कार्यों का जायजा लिया और स्वच्छता ही सेवा अभियान में भाग लिया। उनके साथ सिकंदराबाद मंडल के डीआरएम डा. आर. गोपालकृष्णन समेत मुख्यालय और मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सिग्नल और ट्रैक व्यवस्था परखी
महाप्रबंधक ने काचीगुड़ा से वारंगल तक रियर विंडो निरीक्षण के दौरान सिग्नल व्यवस्था और उसकी दृश्यता, ओवरहेड ट्रैक्शन, ट्रैक की स्थिति, सेक्शनल कॉशन ऑर्डर और निर्धारित गति सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षित और सुचारु रेल संचालन से जुड़े आवश्यक निर्देश दिए।
स्वच्छता अभियान में दिलाई शपथ
महबूबाबाद स्टेशन पर स्वच्छ दिवस के तहत आयोजित स्वच्छता ही सेवा अभियान में महाप्रबंधक ने अधिकारियों और प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने स्टेशन परिसर में पौधरोपण भी किया। इसके बाद उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत महबूबाबाद स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
विधायक ने रेल विकास पर की चर्चा
महबूबाबाद के विधायक डा. मुरली नाइक भुक्या ने रेलवे स्टेशन पर महाप्रबंधक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र से संबंधित रेल विकास योजनाओं पर चर्चा की। महाप्रबंधक ने मीडिया से बातचीत करते हुए क्षेत्र में चल रहे रेल विकास कार्यों की जानकारी भी दी।
टीआरटी से तेजी से होगा ट्रैक नवीनीकरण
महबूबाबाद और ताडला पुसापल्ली के बीच महाप्रबंधक ने ट्रैक रिलेइंग ट्रेन से हो रहे कार्यों का निरीक्षण किया। टीआरटी एक आधुनिक और पूरी तरह मशीनीकृत भारी इंजीनियरिंग मशीन है, जो एक ही कार्यखंड में ट्रैक नवीनीकरण से जुड़े कई काम करती है। मशीन पुरानी रेल पटरी को हटाने, पुराने स्लीपर निकालने, बैलास्ट को समतल और मजबूत करने, नए स्लीपर बिछाने तथा नई रेल पटरी लगाने का काम एक साथ करती है।
मैनुअल कार्य और समय दोनों होंगे कम
टीआरटी के इस्तेमाल से ट्रैक नवीनीकरण में लगने वाला समय कम होता है और रेल सेवाओं में व्यवधान भी न्यूनतम रहता है। इससे सामान्य क्रेन और बड़े पैमाने पर मैनुअल श्रम की आवश्यकता कम होती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से ट्रैक रखरखाव कार्यों को अधिक तेज और प्रभावी तरीके से पूरा करने में मदद मिलती है।
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