मनमानी ढंग से काम करने वाले डीआईओएस प्रयागराज हुए सम्बद्ध
जौनपुर को मिला नया प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, दलालों पर कसेगा शिकंजा
हिम्मत बहादुर सिंह @ नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। अनुशासन, ईमानदारी, सत्यनिष्ठा जैसे तमाम ऐसे शब्द है जो शिक्षक अपने बच्चों के अंदर डालता है। एक शिक्षक अपने शिष्य को संस्कारी, अनुशासित और ईमानदार बनाने का पूरा प्रयास करता है लेकिन जब वही शिक्षक सेवानिवृत्त हो जाता है तो यही शब्द उसके लिए बिल्कुल उलट काम करने लगते है। पेंशन की फाइल को सत्यापित करने के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता है। छोटे से छोटा काम कराने के लिए दलालों का सहारा लेना पड़ता है। यह सब कुछ हुआ जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के कार्यकाल में। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि दबी जुबान से कुछ सेवानिवृत्त शिक्षक और कार्यालय से जुड़े लोग कह रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक के तबादले का समाचार जब आया तो लोगों ने कहा कि ये काम और जल्दी हो जाना चाहिए था। कोई भी काम कराने के लिए दलालों से ही मिलना पड़ता था क्योंकि साहब के पास कोई जाता तो साहब उसके काम को करते ही नहीं थे, कुछ न कुछ वजह बताकर टाल देते थे, लेकिन वही काम जब कोई दलाल लेकर जाता था तो साहब तुरंत कर देते थे। इससे साफ है कि साहब को अपनी जेब की चिंता ज्यादा रहती थी।
विभागीय लोग और कार्यालय से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने बताया कि डीआईओएस के काम करने का तरीका किसी को पसंद नहीं था क्योंकि वह मनमानी काम करते थे। सारे नियम कानून ताक पर रखकर वह कार्यालय चला रहे थे। दलालों का जमावड़ा रहता था। यहां तक की कार्यालय के बाबू जो काम करते थे वह भी साहब खुद ही करने लगे और बाबूओं को घूमने के लिए स्वतंत्र कर दिए। बाबूओं के पास कोई काम ही नहीं रह गया था। अब शासन ने साहब को शिक्षा निदेशालय प्रयागराज में सम्बद्ध कर दिया है। अपने 2 साल के कार्यकाल में खूब मलाई काटे। लोग कहते हैं कि बिना सुविधाशुल्क की कोई काम ही नहीं होता था। कार्यालय के आस पास दलालों की जमघट लगती थी। कई प्रधानाचार्यों को इसीलिए पद से हटा दिया गया कि उनको विपक्षियों ने मोटी रकम दी और अपने आदमी को सेट कर दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक की कुर्सी पर बैठकर भी उन्हें बाबूओं वाला काम ज्यादा भा रहा था। कुर्सी की गरिमा को तार तार करने वाले इस अधिकारी का व्यवहार भी अफसरों वाला नहीं था। फिलहाल उनके जाने से कई शिक्षकों, बाबूओं और मातहतों ने राहत की सांस ली है।
लोगों को उम्मीद है कि नए प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक के आने से दलालों पर शिकंजा कसेगा और उन्हें कार्यालय के आस पास भी फटकने नहीं दिया जाएगा। सारा कार्य जो साहब बेपटरी करके चले गए उसे पटरी पर लाया जाएगा।
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