Jaunpur News: वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह की अगुवाई में निकली ऐतिहासिक कलशयात्रा

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जय श्रीराम के उद्घोष और हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने आयोजन को बनाया यादगार
सिर पर कलश धारण किए महिलाओं का उमड़ा जनसैलाब
जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा शहर, जगह-जगह श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा
21 से 29 अक्टूबर तक बीआरपी कॉलेज मैदान में होगी श्रीरामकथा

नया सवेरा नेटवर्क

जौनपुर। जिले में मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह के नेतृत्व में सेवा भारती के तत्वावधान में भव्य कलशयात्रा निकाली गई। गोमती नदी के किनारे स्थित हनुमान घाट से शुरू हुई इस ऐतिहासिक कलशयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें, भगवान श्रीराम के जयकारे, आकर्षक धार्मिक झांकियां और जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यात्रा के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहा और जगह-जगह खड़े होकर लोगों ने कलशयात्रा का भव्य स्वागत किया।

आकर्षक झांकियों और धार्मिक नारों ने बढ़ाई शोभा

कलशयात्रा में शामिल विभिन्न धार्मिक झांकियां बजरंग बली, राधाकृष्ण, भगवान शंकर आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। सुसज्जित वाहनों पर सवार कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज और श्रीरामकथा के मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह यात्रा की अगुवाई करते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ रहे थे। एक खुली गाड़ी में आचार्य शांतनु महाराज चल रहे थे, जबकि दूसरी गाड़ी में ज्ञान प्रकाश सिंह सवार थे। उनके साथ बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। श्रद्धालु पूरे रास्ते जय श्रीराम के उद्घोष करते रहे। धार्मिक झांकियों, सजे हुए वाहनों और श्रद्धालुओं की कतारों ने कलशयात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। किन्नर समाज के लोग भी कलश यात्रा में नाचते झूमते हुए चल रहे थे। यात्रा में शामिल महिलाओं की श्रद्धा और उत्साह विशेष रूप से दिखाई दिया। चिलचिलाती धूप के बावजूद महिलाएं पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ती रहीं। उनके चेहरों पर भक्ति का भाव और जुबान पर भगवान श्रीराम का नाम था। रास्ते में मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखने के लिए रुक जाते थे। कई स्थानों पर लोग अपने घरों की छतों और मकानों के सामने खड़े होकर यात्रा का स्वागत करते दिखाई दिए।

शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी कलशयात्रा

हनुमान घाट से प्रारंभ हुई कलशयात्रा चहारसू चौराहा, ओलंदगंज, पॉलिटेक्निक चौराहा और वाजिदपुर तिराहा होते हुए बीआरपी कॉलेज के मैदान में पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरने के दौरान यात्रा के स्वागत के लिए लोगों की मौजूदगी रही। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलशयात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया। पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। यात्रा के दौरान ज्ञान प्रकाश सिंह लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन करते हुए आगे बढ़ते रहे। सड़क के दोनों ओर स्थित मकानों और प्रतिष्ठानों के सामने खड़े लोग भी उनके अभिवादन को स्वीकार करते नजर आए। श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी और लोगों के स्वागत ने आयोजन को खास बना दिया। यात्रा के मार्ग पर लोगों की निगाहें धार्मिक झांकियों और सिर पर कलश लेकर चल रही महिलाओं पर टिकी रहीं।

हेलीकॉप्टर से गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा बनी आकर्षण

कलशयात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब हेलीकॉप्टर से श्रद्धालुओं और यात्रा पर पुष्पवर्षा की गई। आयोजकों के अनुसार, जौनपुर में पहली बार इतनी भव्य कलशयात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। लगभग एक घंटे तक हेलीकॉप्टर से गुलाब के फूल बरसाए जाते रहे। आसमान से बरसते फूलों और नीचे जय श्रीराम का उद्घोष करते श्रद्धालुओं का दृश्य लोगों के लिए यादगार बन गया। कलशयात्रा के बीआरपी कॉलेज मैदान स्थित श्रीरामकथा स्थल पर पहुंचने के बाद भी हेलीकॉप्टर से पंडाल के ऊपर पुष्पवर्षा की गई। फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु उत्साहित दिखाई दिए। इस दौरान पंडाल में मौजूद रामभक्तों ने भक्ति भाव के साथ इस दृश्य का आनंद लिया। मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह भी इस अवसर के साक्षी बने। पुष्पवर्षा ने धार्मिक आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा सतर्क

भव्य कलशयात्रा में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। यात्रा के निर्धारित मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंध किए गए। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों से गुजरती यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम में शामिल हो सकें। कलशयात्रा में महिलाओं, युवाओं और अन्य श्रद्धालुओं की भागीदारी को लेकर लोगों में चर्चा रही। चिलचिलाती धूप के बीच महिलाओं की लंबी कतारें और लगातार लगते जय श्रीराम के नारे आयोजन के प्रति उनकी आस्था को प्रदर्शित कर रहे थे। धार्मिक उत्साह के बीच यात्रा के सफल समापन पर आयोजकों ने भी संतोष व्यक्त किया।

आचार्य शांतनु महाराज ने ज्ञान प्रकाश सिंह के आयोजन की सराहना की

कलशयात्रा के समापन के बाद श्रीरामकथा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने आयोजन की भव्यता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह हर साल 10 से 20 कार्यक्रम करते हैं और विभिन्न स्थानों पर निकलने वाली कलशयात्राओं में भी शामिल होते हैं, लेकिन पूरे देश में मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह जैसी कलशयात्रा उन्होंने आज तक नहीं देखी। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि ज्ञान प्रकाश सिंह जिस निष्ठा और स्नेह के साथ कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने इसे भगवान की कृपा बताते हुए आयोजन के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उनके संबोधन के दौरान कलशयात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख भी चर्चा का विषय रहा। आचार्य के अनुसार, आयोजन की भव्यता के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और सहभागिता ने इसे विशेष बना दिया।

ज्ञान प्रकाश सिंह ने मातृशक्ति और श्रद्धालुओं के प्रति जताया आभार

मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने भव्य कलशयात्रा में शामिल मातृशक्ति, युवाओं और सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने जिस निष्ठा, श्रद्धा और उत्साह के साथ कलशयात्रा को भव्य बनाया, उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने आयोजन में सहभागिता करने वाले लोगों की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से यह धार्मिक कार्यक्रम विशेष स्वरूप ले सका। उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रीरामकथा में भी बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर समाज में अच्छे संस्कारों को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने परिवार के साथ कथा में पहुंचने और भगवान श्रीराम के चरित्र को जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया।

21 से 29 अक्टूबर तक प्रतिदिन होगी श्रीरामकथा

बीआरपी इंटर कॉलेज के मैदान में 21 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक नौ दिवसीय श्रीरामकथा का आयोजन किया जाएगा। मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह के अनुसार, प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज श्रीरामकथा का श्रवण कराएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन दोपहर 2 बजे तक परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचकर कथा सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीरामकथा केवल धार्मिक श्रवण का माध्यम नहीं है, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने का अवसर भी है। उन्होंने लोगों से कथा में शामिल होकर भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों को समझने और उन्हें अपने व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया। हनुमान घाट से बीआरपी कॉलेज मैदान तक निकली भव्य कलशयात्रा के साथ जौनपुर में नौ दिवसीय श्रीरामकथा का माहौल तैयार हो गया है। श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी, धार्मिक झांकियों, जय श्रीराम के उद्घोष और हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। 






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