मध्यस्थता अभियान के तहत ‘विवाद से संवाद तक’ संगोष्ठी, पुराने मामलों के निस्तारण में मध्यस्थता की उपयोगिता पर हुई चर्चा
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर बुधवार को जनपद न्यायालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इसके साथ ही राष्ट्र के नाम मध्यस्थता अभियान 3.0 के प्रचार-प्रसार के लिए ‘गांधीवादी दृष्टिकोण एवं मध्यस्थता : विवाद से संवाद तक’ विषय पर विधिक संगोष्ठी आयोजित की गई।
गांधी प्रतिमा का हुआ भव्य अनावरण
जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार शशि ने फीता काटकर महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया और माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में रामधुन और भजन भी प्रस्तुत किया गया।
पॉक्सो जागरूकता को निकली प्रभात फेरी
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रति जागरूकता के लिए प्रभात फेरी निकाली गई। जनपद न्यायाधीश ने हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। वहीं मध्यस्थता अभियान 3.0 के प्रचार-प्रसार के लिए नेहरू बालोद्यान सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने भी प्रभात फेरी निकाली।
मध्यस्थता को लेकर हुई विधिक संगोष्ठी
जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, टीडी लॉ कॉलेज और उमानाथ सिंह लॉ कॉलेज के विधि छात्रों ने प्रतिभाग किया। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह, मंत्री मनीष कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश प्रताप सिंह, प्रेमशंकर मिश्र, जयप्रकाश सिंह, अब्दुल हक, दीपचन्द्र राम और ब्रजभूषण सिंह समेत अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
मध्यस्थता से आपसी संबंध रहते मधुर
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि अधिवक्ता केवल विधि व्यवसायी ही नहीं, बल्कि समाज का प्रहरी भी है। जयप्रकाश सिंह ने रामायण और महाभारत काल में अंगद और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा की गई मध्यस्थता का उल्लेख किया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि घर के बुजुर्ग भी मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में मध्यस्थता अत्यंत उपयोगी है। इससे पक्षकारों को सस्ता, सुलभ और शीघ्र न्याय मिलता है। मध्यस्थता से मामले का समाधान होने पर किसी पक्ष की हार या जीत नहीं होती और आपसी संबंध भी मधुर बने रहते हैं।
चार दशक पुराने मामलों का हुआ निस्तारण
कार्यक्रम के दौरान जौनपुर में चार दशक से अधिक पुराने मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित कराने में योगदान देने वाले न्यायिक अधिकारी दिव्या भारती, वरिष्ठ अधिवक्ता वशिष्ट नारायण शुक्ला, शीतला प्रसाद सिंह, अधिवक्ता विकास शुक्ला और मध्यस्थ सैयद जरगाम अहसन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संबंधित पक्षकारों को महात्मा गांधी का चित्र प्रदान किया गया।
न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रीति श्रीवास्तव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव, नोडल अधिकारी लोक अदालत रणजीत कुमार, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष लालचन्द्र गुप्ता, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता यादव, सिविल जज सौरभ श्रीवास्तव सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, मध्यस्थ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, पैनल अधिवक्ता, कर्मचारी और पीएलवी मौजूद रहे।
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