नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन के लिए मतदेय स्थलों के संशोधन को लेकर बैठक हुई। बैठक में निर्वाचन नामावलियों के सतत अद्यतनीकरण, मतदेय स्थलों के पुनर्गठन और ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बताया गया कि अर्हता तिथि एक नवंबर 2025 के आधार पर वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन छह जनवरी 2026 को किया जा चुका है। अंतिम प्रकाशन के समय शिक्षक खंड में 6078 और स्नातक खंड में 52,873 मतदाता पंजीकृत थे। वर्तमान में मतदाता सूची के सतत अद्यतनीकरण की प्रक्रिया चल रही है। प्राप्त प्रपत्रों के निस्तारण के बाद परिवर्धन, विलोपन और संशोधन की मासिक सूची जिले की वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है।
बैठक में बताया गया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित योग्यता रखने वाले और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के सामान्य निवासी व्यक्ति प्रपत्र-18 के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले शिक्षक प्रपत्र-19 के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। मतदाता सूची में नाम, पता, जन्मतिथि, फोटो अथवा शिक्षण संस्थान से संबंधित किसी प्रविष्टि में त्रुटि होने पर प्रपत्र-8 के माध्यम से संशोधन कराया जा सकता है।
निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार 1400 से अधिक मतदाता वाले मतदान स्थल पर सहायक मतदेय स्थल बनाए जाने का प्रावधान है। जिले में शिक्षक खंड के किसी भी मतदान स्थल पर 1400 से अधिक मतदाता नहीं हैं। वहीं स्नातक खंड के मूल 55 मतदेय स्थलों में से 10 पर 1400 से अधिक मतदाता होने के कारण उसी भवन के दूसरे कक्ष में 10 सहायक मतदेय स्थल बनाए जाने प्रस्तावित हैं। प्रस्ताव पर किसी को सुझाव या आपत्ति हो तो दो दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्धारित अवधि में सुझाव नहीं मिलने पर प्रस्ताव को आयोग के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
जिले में वाराणसी खंड शिक्षक के लिए कुल 22 प्रस्तावित मतदेय स्थल होंगे, जिनमें 21 ब्लॉक और एक कलेक्ट्रेट में होगा। स्नातक खंड में 57 ब्लॉक और आठ कलेक्ट्रेट सहित कुल 65 मतदेय स्थल प्रस्तावित हैं। छह जनवरी 2026 को अंतिम प्रकाशित सूची के अनुसार शिक्षक खंड में 6078 मतदाताओं में 4981 पुरुष और 1097 महिलाएं हैं। स्नातक खंड में 52,873 मतदाताओं में 34,164 पुरुष और 16,709 महिलाएं हैं।
बैठक के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि विधानसभा चुनाव से पहले मशीनों की कार्यक्षमता, शुद्धता और तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा नामित बेल कंपनी के इंजीनियरों के माध्यम से प्रथम स्तरीय जांच कराई जाती है। इस दौरान मशीनों के सभी हिस्सों की कार्यक्षमता और मॉक पोल की प्रक्रिया की भी जांच की जाती है।
भारत निर्वाचन आयोग के मानक के अनुसार जिले में उपलब्ध मतदेय स्थलों के सापेक्ष 125 प्रतिशत बैलेट यूनिट, 125 प्रतिशत कंट्रोल यूनिट और 135 प्रतिशत वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच की जाएगी। प्रस्तावित आंकड़ों के अनुसार 4081 मतदेय स्थलों के लिए 5102 बैलेट यूनिट, 5102 कंट्रोल यूनिट और 5510 वीवीपैट की जांच की जानी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों से प्रथम स्तरीय जांच शुरू होने से पहले अधिकृत प्रतिनिधि नामित करने को कहा। प्रतिनिधि का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और फोटो जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि पहचान पत्र जारी किया जा सके। जांच कक्ष में बिना पहचान पत्र प्रवेश नहीं दिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी।
प्रथम स्तरीय जांच के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक परिणाम का वीवीपैट पर्चियों से मिलान किया जाएगा। जांच कक्ष में मोबाइल, बीड़ी, सिगरेट, माचिस, हथियार, खाद्य सामग्री और ज्वलनशील या अन्य इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले में महिला और युवा मतदाताओं की संख्या बढ़ाने तथा मतदाता सूची के लिंगानुपात में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ठ, नगर मजिस्ट्रेट सहित अन्य अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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