मड़ियाहूं, जौनपुर। स्थानीय नगर के रानीपुर बाईपास पर महिला की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े कर फेंकने की सनसनीखेज वारदात का मड़ियाहूं पुलिस ने 14 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से अवैध पिस्टल, कारतूस, हत्या में प्रयुक्त चाकू व गड़ासा तथा मृतका के कटे हुए पैर बरामद किए गए।
प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम घटना की जांच में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर रामनगर ब्लॉक गेट के पास संदिग्ध की घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुजरात के भावनगर निवासी तथा वर्तमान में मड़ियाहूं की टीचर्स कॉलोनी में रहने वाले हेमल खखरिया उर्फ दिलीप (42) के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 4 जुलाई को मृतका रेशमा खां उर्फ सना को बाबतपुर से अपने किराये के कमरे पर लाया था। मोबाइल चैट को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने सोते समय चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए उसने गड़ासे से शव के हाथ-पैर काटकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए। आरोपी के पास एक पिस्टल.32 बोर,1जिंदा 2खोखा कारतूस,1चाकू 1गड़ासा, मोटर साइकिल व मृतका का शेष अंग बरामद हुआ। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी हेमंत खखरिया उर्फ दिलीप मूल रूप से गुजरात के भावनगर का रहने वाला है। वह पिछले लगभग एक वर्ष से मड़ियाहूं कस्बे की टीचर्स कॉलोनी स्थित एक मकान में किरायेदार के रूप में रह रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार वह फ्रिज की मरम्मत का काम करता था घटना के खुलासे के बाद लोगों को उसके इस जघन्य अपराध की जानकारी हुई, जिससे पूरे मोहल्ले में हैरानी और दहशत का माहौल है।
रानीपुर बाईपास पर हत्या की शिकार हुई रेशमा खां वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र के जक्खिनी चौकी अंतर्गत कोइलीपुल तिनकेड़वा गांव की निवासी थीं। उनके पति रहीम खान ने बताया कि परिवार में तीन बच्चे रेहान (20), नाजिया (19) और तमन्ना (14) हैं।
रहीम खान के अनुसार करीब छह माह पहले उनकी पत्नी की मुलाकात उसकी एक सहेली के माध्यम से आरोपी हेमल खखरिया उर्फ दिलीप से हुई थी। उसने ऑफिस में काम करने के लिए ₹15000 प्रति माह देने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि रेशमा पहले भी चार से छह बार मड़ियाहूं आ चुकी थी और एक बार आरोपी उसे देवा शरीफ भी लेकर गया था।
रहीम ने बताया कि 4 जुलाई को वह स्वयं पत्नी को हरहुआ तक छोड़ने गए थे, जहां से वह मड़ियाहूं के लिए रवाना हुई। रात 8:07 बजे उनकी पत्नी से अंतिम बार बातचीत हुई, इसके बाद मोबाइल बंद हो गया। आरोपी ने पहले कहा कि उसने रेशमा को रुपये देकर भेज दिया है और 24 घंटे इंतजार करने की बात कही। अगले दिन सोशल मीडिया के जरिए शव मिलने की सूचना मिली। रहीम ने आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में अन्य लोग भी शामिल हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


