निर्भय सक्सेना @ नया सवेरा
बरेली। बरेली नाथ नगरी में प्रमुख अलखनाथ मंदिर एवं तपेश्वर नाथ मंदिर के लिये वास्तव में अब नए कनेक्टेड मार्ग की आवश्यकता है। नाथ नगरी बरेली में 32 किलोमीटर लंबा नाथ कॉरिडोर पर काफी सरकारी धन व्यय कर खूब प्रचारित भी किया गया जबकि वास्तविकता यह है कि सात नाथ मंदिरों को जोड़ने वाले 32 किलोमीटर लंबे मार्ग "कनेक्टेड मार्ग" को ही "नाथ कॉरिडोर" का नाम देकर उस पर ही कुछ कार्य कराया गया। जिसका लाभ भी जनता को नहीं मिला। पत्रकार निर्भय सक्सेना ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी को मेल/ पत्र भेजकर उपरोक्त मांग की और कहा कि बरेली के प्रमुख नाथ मंदिर अलखनाथ एवं तपेश्वर नाथ मंदिर को वास्तव में आज कनेक्टेड मार्ग की नितांत आवश्यकता है। पत्र में कहा हाल में बरेली में हुई रिकॉर्ड 381.1 मिलीमीटर वर्षा से सुभाषनगर ही नहीं पूरा शहर कई दिन जलभराव से परेशान भी हुआ था। सुभाषनगर, रेजिडेंसी गार्डन, लाजपतनगर में निवासियों का घर से निकलना तक दूभर हो गया था।
बरेली नाथ मंदिर की श्रेणी में आने वाले मंदिरों को जाने के लिये सुगम यातायात के तहत सुभाषनगर के तपेश्वर नाथ मंदिर से पुराने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय वाले भांतु जेल मार्ग को चौड़ा करके, (मार्ग में आने वाले कुछ मकानों को बनारस के दाल मंडी की तर्ज पर चौगुना मुआबजा देकर एवं अतिक्रमण को बुलडोजर से जमीन को साफ कराकर) अगर बदायूं रोड की बीडीए कालोनी या बदायूं रोड से सीधा जोड़ दिया जाए। तो इससे सुभाष नगर वासियों को भी एक नया वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा और वर्षा काल में एक मात्र पुलिया मार्ग पर जलभराव से भी उन्हें मुक्ति मिल सकेगी। इसके साथ ही अलखनाथ मंदिर जाने के लिए हार्टमेन स्कूल के पुल के नीचे रेलवे लाइन के समानांतर बगिया होकर अलखनाथ तक नया कनेक्टेड मार्ग बना दिया जाए तो अलखनाथ मंदिर को भी नया वैकल्पिक मार्ग मिलने से शहरवासियों को भी काफी लाभ मिलेगा। जिससे बाद में बाकरगंज होकर मढ़ीनाथ मंदिर तक जाना भी संभव हो सकेगा।
स्मरण रहे स्मार्ट सिटी बरेली बीजेपी का गढ़ रहने के बाबजूद अभी भी शहर के काफी मार्ग पर शहरवासी अतिक्रमण एवं जाम से जूझते ही रहते हैं। साथ ही बरेली एकमात्र जिला है जहां सरकारी मेडिकल कॉलेज भी अभी तक नहीं बना है। दो टुकड़ों में बंटे जिला हॉस्पिटल में दो बहुमंजिला भवन बनाकर एक हिस्से में एक छत के नीचे बांसमंडी का खस्ताहाल राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज भी लाया जाए।
खेद के साथ कहना पड़ रहा ही कि आम जनता को सरकारी मेडिकल सेवा देने में बरेली जिला अभी काफी पीछे है। निजी क्षेत्र गरीब की पहुंच से दूर ही हैं। मेरा विनम्र सुझाव है की जिला हॉस्पिटल के टीबी हॉस्पिटल एवम उससे सटे पुराने गिरताऊ भवन तोड़कर उस बड़े परिसर में बहुमंजिला भवन बनाकर राजकीय आयुर्वेदिक हॉस्पिटल को भी शिफ्ट किया जाए। बरेली के जिला हॉस्पिटल परिसर में बनी दुकानों का भी मल्टी स्टोरी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाए। ताकि बरेली की घनी आबादी को आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ शहर के बीच ही पूर्ववत मिलता रहे। बीजेपी बरेली कैंट विधायक संजीव अग्रवाल का भी मानना हैं कि उनके विधान सभा क्षेत्र में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक को भी जिला हॉस्पिटल में नया बहुमंजिला भवन बनाकर शिफ्ट होने से उनके विधानसभा एरिया ही नहीं बरेली वासियों को लाभ दिलाने का प्रयास होगा।
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