राष्ट्रीय राजमार्ग 233 के निर्माण से प्रभावित कनौरा गांव के किसानों को नहीं मिल रहा उचित मुआवजा
कनौरा गांव से गुजरने वाला तेरह सौ मीटर राजमार्ग खतौनी में दर्ज नहीं है सड़क खाते में
नया सवेरा नेटवर्क
चंदवक, जौनपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 233 के निर्माण से प्रभावित कनौरा गांव के लगभग एक सौ नब्बे किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। कारण है 13 सौ मीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकांश भाग का खतौनी में सड़क खाते में दर्ज न होना। किसानों की शिकायत पर उचित मुआवजे के प्रकरण के निस्तारण के लिए सीआरओ ने पीडी व राजस्व कर्मियों संग कनौरा गांव के अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। कहा कि मामले का शीघ्र निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 233 के निर्माण से प्रभावित केराकत तहसील क्षेत्र के कनौरा गांव से 13 सौ मीटर राजमार्ग गुजरा है। निर्माण से 227 किसान प्रभावित हो रहे। जिनमें 35 किसानों के 13 गाटे का 8 लाख बिस्वा की दर से लगाया गया है जबकि सड़क किनारे 34 गाटा के शेष किसानों को 4 लाख 4 हजार की दर से मुआवजा का निर्धारण किया गया है।
महेश,रामजीत, विजय,अखिलेश, चंद्रप्रकाश, कमलेश सहित अन्य किसानों का कहना है कि राजस्व कर्मियों से इस संबंध में आपत्ति की गई तो बताया गया कि कनौरा गांव से गुजरा 13 सौ मीटर राष्ट्रीय राजमार्ग खतौनी में सड़क के नाम से दर्ज नहीं है। अधिकांश नवीन परती के नाम से दर्ज है। केवल दो बीघा ही सड़क के नाम दर्ज है। पूर्व में की गई राजस्व विभाग की गलती की सजा अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को मिल रही है। किसानों ने समस्या से मुख्य राजस्व अधिकारी को अवगत कराया था। सीआरओ अजय कुमार अम्बष्ट एसडीएम सुनील कुमार, एनएचएआई के पीडी पीयूष अग्रवाल, किसान नेता अजीत सिंह व राजस्व कर्मियों के साथ कनौरा गांव की अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का स्थलीय निरीक्षण कर समस्याओं को जाना तथा निराकरण करने का आश्वासन दिया।
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