बरेली। अयोध्या में 10वां दीपोत्सव इस बार 7 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। भगवान राम मंदिर एवं सरयू नदी के घाटों पर वर्ष 2026 में इस बार 30 लाख से ज्यादा दीप प्रज्वलित कर अपना पूर्व का एक और नया विश्व कीर्तिमान बनाने की दिशा में काम चल रहा है। बीते वर्ष 26 लाख 17 हजार 215 दीप जलाने वाला आंकड़ा दर्ज हुआ था। इस वर्ष 10 वें दीपोत्सव को राम की पैड़ी के 56 घाटों पर यह दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। आगामी 7 नवंबर 2026 को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 35 हजार से अधिक स्वयंसेवक 10 वें दीपोत्सव में शामिल होंने की सूचना मीडिया को मिली है। इसके अलावा इस बार राम मंदिर के परिसर के समीप दीपोत्सव में 21 सौ ड्रोन शो का भी होगा। स्मरण रहे नागर शैली में बने राम मंदिर में भगवान श्रीराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को ही हो चुकी थी। अयोध्या में 2.7 एकड़ विस्तृत तीन मंजिला भगवान राम मंदिर का मुख्य मंदिर परिसर में रामलला की गर्भगृह में मूर्ति के अलावा प्रथम तल पर राम दरबार सजाया गया है। 3.5 किलोमीटर की चाहरदिवारी में बने सप्त मंडप में महर्षि बाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, रामभक्र निषादराज, माता शबरी, एवं ऋषि पत्नी अहिल्या का मंदिर बने हैं। इसके अलावा संत तुलसी दास मंदिर, रामभक्त जटायु, एवं गिलहरी की प्रतिमा भी स्थापित है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र की नियुक्ति 2 सितंबर 2026 को हुई थी।रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी रहे हैं और मई 2025/2026 में पश्चिमी वायु कमान के कमांडिंग इन चीफ़ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' में पश्चिमी कमान का नेतृत्व भी किया था। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के मीडिया को दी जानकारी के अनुसार राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब अंतिम भुगतान व ऑडिट की प्रक्रिया चल रही है। श्री मिश्रा के अनुसार अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार राम मंदिर परिसर के कुल 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। 3.5 किलोमीटर के परकोटे में फसाड लाइटिंग और कुछ अंतिम विकास कार्य अंतिम चरण में हैं जो 15 नवंबर तक पूरे होने की बात कही गई है।
राम मंदिर निर्माण में अब तक लगभग 2150 करोड़ रुपए का खर्च हो चुका है। नृपेंद्र मिश्रा द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के अनुसार भगवान राम मंदिर में अब राम कथा संग्रहालय में 20 नई गैलरियां बनाने की भी श्री राम जन्म भूमि न्यास की योजना है। राम मंदिर संग्रहालय की गैलरियों में भगवान राम और राम मंदिर आंदोलन के करीब 500 साल के इतिहास को भी प्रदर्शित किया जाएगा। सभागार और राम कथा संग्रहालय में 20 गैलरियां के शेष बचे हुए कार्य वित्त वर्ष मार्च 2027 तक पूर्ण होने की आशा है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और 150 में से 148 निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं।
मंदिर का परकोटे में फासाद लाइटिंग और परिसर से जुड़े कुछ अंतिम कार्य चल रहे हैं। निर्माण में लगी लार्सन एंड टुब्रो और टाटा कंसल्टेंसी जैसी निर्माण एजेंसियां अपना काम पूरा कर चुकी हैं। निर्माण से जुड़ी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण में लगी कंपनियों से बैंक गारंटी ली जा रही है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुसार, निधि समर्पण अभियान और विभिन्न माध्यमों से लगभग 3 हजार 264 करोड़ रुपये ट्रस्ट को प्राप्त हुए थे जिनमें से लगभग 2 हजार 370 करोड़ रुपये मंदिर के निर्माण एवं पूंजीगत खर्चों पर उपयोग भी किए जा चुके हैं। स्मरण रहे भगवान श्रीराम की रामनगरी अयोध्या में 25 नवंबर 2025 मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में राम मंदिर के शिखर पर आधुनिक तकनीक से युक्त माध्यम से लगभग 4 मिनट में भगवा धर्म ध्वजा को फहराया गया था। पूज्य संतों, महंत नृत्य गोपाल दास, संघ प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के 161 फिट ऊंचे शिखर पर आधुनिक तकनीक से डोरी के माध्यम से नीचे से ऊपर ले जाकर भगवा धर्मध्वज फहराया था जो चौड़ाई में त्रिभुजाकर आकार में है जो 360 डिग्री एंगिल पर घूम भी सकता है। भगवा धर्मध्वजा फहराने से लगभग 500 वर्ष बाद राम मंदिर की पूर्णता का एवं विकसित भारत की सनातन परंपरा का भी प्रतीक यह कार्यक्रम बन गया । राम मंदिर के इस धर्म ध्वज का आकार -प्रकार 20 फिट लंबा 10 गुणा चौड़ाई में त्रिभुजाकर आकार में है जो रेशमी सिल्क का है और पीताम्बरी/केसरिया रंग में है जो कि अरुणिमा बेला में सूर्योदय के पूर्व क्षितिज पर बिखरी रश्मियों की लालिमा के समान है। इस ध्वज में पैराशूट फैब्रिक का अस्तर लगाया गया था। इस पर हस्तकारी के जरिए भगवान राम के राजवंश का चिह्न कोविदार वृक्ष व सूर्यदेव के प्रतीक सूर्य व उनके मध्य में ओंकार का चिह्न बनाया गया है। धर्मध्वज को मंदिर पर लगे 42 फीट ऊंचे 5100 किलो के भार वाले पीतल के ध्वजदंड पर 161 फिट की ऊंचाई पर फहराया गया। स्मरण रहे अयोध्या दीपोत्सव = 2025 का कार्यक्रम रविवार 19 अक्टूबर 2025 शाम देखने लायक रहा था। राम मंदिर में भगवान रामलला स्थापना के दूसरे वर्ष एवं 9वां दीपोत्सव में राम की पैड़ी समेत सरयू तट पर बने 56 घाटों पर 26 लाख 17 हजार से अधिक मिट्टी के दीप जलाए जलाए गए। यू पी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने श्रीराम मंदिर में दीप जलाए। इसके बाद दीपोत्सव 2025 में राम की पैड़ी पर दीपक जलाना का क्रम शुरू हो गया। इसी श्रृंखला में 26 लाख 11 हजार 101 दीपक एक साथ जलाए गए। आसमान से ही ड्रोन से दीपों की गणना की गई।
रामनगरी अयोध्या में इसकी गणना में 26 लाख 17 हजार 215 दीप जलाने वाला आंकड़ा दर्ज हुआ। इसके साथ ही अपने बीते वर्ष वाले 25 लाख 12 हजार 585 को तोड़कर यह फिर दीप प्रज्ज्वलन का नया विश्व रिकॉर्ड बन गया। इसके अलावा पीतल के दीप से 2138 पंडितों ने आरती कर भी अपना पूर्व का रिकॉर्ड तोड़ा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव 2025 के दौरान बनाए गए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के दोनों प्रमाण पत्र पुन प्राप्त किये।
अयोध्या में 2.7 एकड वालेमंदिर परिसर को 70 प्रतिशत भाग को हरा भरा बनाया गया है । इसमें 10 एकड़ में पंचवटी, श्री राम मंदिर पर अब तक 2150 करोड़ रुपए का संभावित व्यय होना आंका गया था। अब भगवान श्री राम मंदिर मे पूर्व में रामलला के टाट वाले वैकल्पिक गर्भगृह को भी अब संरक्षित करा दिया गया। मंदिर परिसर में हरियाली एवं छाया को भी महत्व दिया गया है। राम मंदिर में चंदा चोरी प्रकरण की गूंज के बाद कुछ पदाधिकारी हटाए भी गए थे। फिलहाल मामला कोर्ट में लंबित है।
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