मां शीतला ने मां शैलपुत्री के स्वरूप में दिए दर्शन, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर
बिपिन सैनी @ नया सवेरा
चौकियां धाम, जौनपुर। पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल मां शीतला चौकियां धाम में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने मां शीतला मातारानी के दरबार में मत्था टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। नवरात्र के प्रथम दिन मां शीतला ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री के रूप में भक्तों को दर्शन दिए। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
रविवार की भोर चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने मां शीतला मातारानी का भव्य श्रृंगार किया और विधि-विधान से आरती-पूजन संपन्न कराया। इसके बाद दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। भक्त कतारबद्ध होकर माता रानी के दर्शन करते रहे। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह के बीच मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है, जिससे मंदिर की छटा देखते ही बन रही है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। इसी कारण उन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। श्रीमद्देवीभागवत और मार्कण्डेय पुराण की कथाओं में मां के इस स्वरूप का उल्लेख मिलता है। मां शैलपुत्री के दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प सुशोभित रहता है। उनका वाहन वृषभ यानी नंदी है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, उन्हें गाय के शुद्ध घी अथवा घी से बनी मिठाई का भोग अर्पित किया जाता है। भक्त मानते हैं कि विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से आरोग्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में पुलिस तथा पीएसी के जवानों की तैनाती की गई, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्गों से आने वाले वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी की गई।
आजमगढ़ मार्ग से आने वाले दर्शनार्थियों के वाहनों के लिए मंदिर से करीब 300 मीटर दूर पूर्वी मुख्य मार्ग पर पार्किंग निर्धारित की गई है। वहीं, वाराणसी, शाहगंज और जौनपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग पश्चिमी मुख्य मार्ग पर बड़ागर चौराहे के पास की गई है। पुलिसकर्मी लगातार मेला क्षेत्र में निगरानी करते रहे।
इस दौरान लाइन बाजार के थानाध्यक्ष केके सिंह और शीतला चौकियां धाम चौकी प्रभारी रामप्रकाश यादव सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ मेला क्षेत्र में मौजूद रहे। पुलिस बल की तैनाती और पार्किंग की व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने मां शीतला मातारानी के दर्शन-पूजन कर नवरात्र का शुभारंभ किया।
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