मॉडल मूल्यांकन, ओवरफिटिंग एवं मॉडल चयन की तकनीकों से रूबरू हुए विद्यार्थी, 108 ने किया प्रतिभाग
नया सवेरा नेटवर्क
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग द्वारा कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर संचालित ‘एआई एवं एमएल लर्निंग सीरीज’ के पांचवें व्याख्यान का आयोजन किया गया। “मॉडल इवैल्यूएशन, ओवरफिटिंग एवं मॉडल सेलेक्शन” विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में 108 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
मुख्य विशेषज्ञ डॉ. अन्नुश्री अग्रवाल ने विद्यार्थियों को मशीन लर्निंग मॉडल के मूल्यांकन, ओवरफिटिंग की समस्या तथा उपयुक्त मॉडल चयन की तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी मॉडल की सफलता केवल प्रशिक्षण डेटा पर बेहतर परिणाम देने से नहीं, बल्कि नए और अनदेखे डेटा पर सटीक पूर्वानुमान लगाने की क्षमता से भी निर्धारित होती है।
उन्होंने मॉडल की सटीकता, विश्वसनीयता और सामान्यीकरण क्षमता के आकलन में क्रॉस-वैलिडेशन जैसी तकनीकों के महत्व को समझाया। साथ ही, बताया कि जब कोई मॉडल प्रशिक्षण डेटा को अत्यधिक सीख लेता है और नए डेटा पर अपेक्षित परिणाम नहीं देता, तो इसे ओवरफिटिंग कहते हैं। इस समस्या को कम करने के लिए नियमितीकरण, उपयुक्त डेटा विभाजन और मॉडल की जटिलता नियंत्रित करने जैसी तकनीकों की जानकारी दी गई।
व्याख्यान में मॉडल चयन के दौरान डेटा की प्रकृति, समस्या की आवश्यकताओं और मॉडल के प्रदर्शन को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। सत्र से विद्यार्थियों को प्रभावी एवं विश्वसनीय मशीन लर्निंग समाधान विकसित करने की व्यावहारिक समझ मिली।
कार्यक्रम के सफल संचालन में आयोजन समिति के सदस्य दिलीप कुमार यादव, अशोक कुमार यादव एवं कृष्ण कुमार यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. संतोष कुमार यादव, रविकांत यादव, रितेश कुमार एवं दीप्ति पाण्डेय सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
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