जौनपुर। शहर की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए सद्भावना पुल पर लगाए गए छह एलईडी बोर्डों से छेड़छाड़ और उन्हें क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर महादेव सेना ने नाराजगी जताते हुए कोतवाली में तहरीर देकर अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सद्भावना पुल पर लगाए गए इन एलईडी बोर्डों पर जौनपुर की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया था। इनमें मां शीतला चौकिया धाम, मैहर देवी, बाबा जागेश्वर नाथ, बाबा केरवीर, ऐतिहासिक शाही किला और शाही पुल सहित अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों की तस्वीरें प्रदर्शित थीं।
आरोप है कि कुछ अराजक तत्वों ने जानबूझकर इन बोर्डों को निशाना बनाते हुए उनके साथ छेड़छाड़ की और नुकसान पहुंचाया। मामला सामने आने के बाद महादेव सेना के कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। संगठन ने पुलिस से सद्भावना पुल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपितों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
महादेव सेना के संस्थापक अध्यक्ष विमल सिंह, सचिव मनीष सेठ और जिलाध्यक्ष हरेराम केसरवानी ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को लिखित सूचना देकर मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि यह केवल एलईडी बोर्डों को क्षति पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के साथ-साथ जौनपुर की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े प्रतीकों की सुरक्षा का भी सवाल है। इस दौरान मनीष राय, स्वराम शर्मा, सुमित साहू, संजय सोनी, प्रीतम सोनी, शीतल साहू, पल्लू मोदनवाल सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
