बक्शा, जौनपुर। बक्शा विकास खण्ड के लेदुका बाजार में स्थित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं श्रीराम कथा के दूसरे दिन गुरुवार की रात वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र ने कहा जब प्रपंच का विस्मरण हो, भगवत स्मरण हो, महात्मा की शरण हो तो मरण भी मंगलमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि जो अपने को अमर बनाने के लिए अमृत पिया वो केवल देव कहलाता है परन्तु जो लोक कल्याण के लिए हलाहल विष का पान करता है वह देव नहीं महादेव कहलाता है। श्री मिश्र ने कहा कि भागवत में स्वयं श्रीकृष्ण का वास है। उत्तरा के उदर में परीक्षित के प्राणों की रक्षा स्वयं श्री कृष्ण ने किया और सुकदेव को मां के उदर में दर्शन दिया। राजा परीक्षित लोक कल्याण के लिए मृयमाण पुरुष के कर्तव्य संबन्धी प्रश्न पूछकर श्रीमद्भभागवत महापुराण का निर्माण किया गया। जिसके आंख में भौतिकता सोना होता है वही हृरणयाक्ष है। बुराई से अच्छाई की ओर इंगित करने की प्रक्रिया का नाम ही सत्संग है l वाराणसी से पधारी मानस कोकिला डा. सुधा पाण्डेय ने नारद मोह प्रसंग की चर्चा कर लोगो को मंत्र मुग्ध कर दिया l कथा समापन पश्चात आयोजक राजनाथ सेठ से सभी आगन्तुको के प्रति आभार जताया।
Jaunpur News : भगवत स्मरण हो तो मरण भी मंगलमय हो जाता है: डॉ. मदन मोहन मिश्र
सितंबर 11, 2026
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