Jaunpur News : एनएच-233 के मुआवजे और टोल वसूली को लेकर किसानों का प्रदर्शन

Naya Sabera Network

20 सितंबर तक मांगें पूरी न हुईं तो पीएमओ घेराव की चेतावनी

जौनपुर। कलेक्ट्रेट में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष अजीत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर राष्ट्रीय राजमार्ग-233 (वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग) से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की। किसानों ने जमीन अधिग्रहण के बदले लंबित मुआवजे का ब्याज सहित भुगतान कराने, अधूरे और जर्जर मार्ग पर टोल वसूली बंद करने तथा लगातार हो रहे सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने की मांग उठाई।

किसान यूनियन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के निर्माण और जमीन अधिग्रहण से केराकत तहसील क्षेत्र के करीब 4,000 किसान प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि वे पिछले करीब 14 वर्षों से अपने अधिकारों और मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से किसानों को करीब 150 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन लंबे समय तक रोकी गई धनराशि का बकाया ब्याज अब तक नहीं मिल सका है। किसानों ने वर्ष 2012 से ब्याज का भुगतान तत्काल कराने की मांग की है।

किसानों का आरोप है कि जिस राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उसी पुरानी, संकरी और खराब सड़क पर टोल वसूली शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि अधूरे मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन जारी रहने से सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने ढेरही टोल प्लाजा की टोल वसूली तत्काल बंद कराने की मांग की।

किसानों ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले जिलाधिकारी जौनपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों और किसानों के बीच हुई बैठकों में टोल वसूली बंद करने का भरोसा दिया गया था। इसके बाद करीब दो वर्षों तक स्थानीय ग्रामीणों और किसानों से टोल नहीं लिया गया, लेकिन अब दोबारा वसूली शुरू कर दी गई है। किसानों ने पूर्व में दिए गए आश्वासन और लिए गए निर्णय को लागू कराने की मांग की।

किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान उनसे देश के विकास और बुनियादी ढांचे के निर्माण में सहयोग की अपील की गई थी। किसानों ने राष्ट्रहित में अपनी जमीन दी, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें अपने कानूनी अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। अधूरी सड़क, जर्जर मार्ग, टोल वसूली और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर किसानों में नाराजगी है।

किसानों ने अधूरे और संकरे मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही एनएच-233 का लंबित निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया।

दुर्घटनाओं में मृत लोगों के परिवारों के लिए भी किसानों ने आर्थिक सहायता की मांग उठाई। यूनियन ने लगातार हुई सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिवारों को मानवीय और न्यायसंगत आधार पर कम से कम एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि इस संबंध में वर्ष 2022 से लगातार पत्र और ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन को अवगत कराया जाता रहा है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 20 सितंबर तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो 30 सितंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का घेराव किया जाएगा। किसानों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब वे निर्णायक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

एलआईसी के अभिकर्ता विनोद यादव की तरफ से श्रावण मास, स्वतंत्रता दिवस, नागपंचमी और रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
विज्ञापन


OPD Start : अशोक हॉस्पिटल महरुपुर वाराणसी-जौनपुर रोड जफराबाद जौनपुर | Emergency Contact : 7565955001, 7575955002
विज्ञापन

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!