जौनपुर : ​श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता समाज के लिये अनुकरणीय: कथा वाचक

Technical Team
नौपेड़वा, जौनपुर। स्थानीय बाजार में महेश मोदनवाल के आवास पर आयोजित 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के विश्राम दिवस पर कथा ब्यास आचार्य डॉ. जयेश मिश्र ने कहा कि श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता समाज के लिये अनुकरणीय है। भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम तो श्रीकृष्ण लीला पुरुषोत्तम कहलायें। श्रीकृष्ण व श्रीराम के काल में बहुत बड़ा अंतर है। श्रीराम ने जो किया, वह अनुकरणीय है परन्तु श्रीकृष्ण ने जो किया, वह आदरणीय है।
आचार्य ने कहा कि परमात्मा को हम मजबूरी में याद करतें है परन्तु उसी परमात्मा से हम चाहते ज्यादा है। द्रोपती की दीनता, प्रहलाद की प्रार्थना एवं कलि की गुहार सुन भगवान नंगे पैरों दौड़े चले आये। उन्होंने लोगों को सीख देते हुये कहा कि जुआ व शराब को परम्परा के रूप में नहीं अपनाना चाहिये। ईश्वर को प्राप्त करना आसान नहीं है। उन्हें एक साधक ही प्राप्त कर सकता है।
इस अवसर पर गुड़िया मोदनवाल, राम आसरे मोदनवाल, रानू मोदनवाल, विजय जायसवाल, बच्चा मोदनवाल, चन्दन मोदनवाल, गुड्डू जायसवाल, रसेदार सेठ, हेमंत सेठ, आशीष जायसवाल, अशोक जायसवाल सहित तमाम भक्तजन मौजूद रहे।

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