​मृतक का वीडियो व सुसाइड नोट है मृत्यु पूर्व बयान, होगा विवेचना का भाग!

Naya Savera Network

कई मामलों में गवाहों के मुकदमे के बाद भी केवल मृत्यु पूर्व बयान पर ही हो चुकी है सजा
अधिवक्ताओं ने कहा कि त्रस्त व लाचार अतुल ने आत्महत्या कर लोगों को किया जागृत
जौनपुर। इंजीनियर अतुल के सुसाइड के बाद उसके भाई विकास ने निकिता, निशा, अनुराग व सुशील उसके परिवारवालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा में प्राथमिकी की दर्ज कराया है। बता दें कि अतुल ने अपने सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए संबंधित जज के अलावा पत्नी निकिता व अन्य के खिलाफ आरोप लगाया है। इस संबंध में अधिवक्ता तेज बहादुर सिंह, उपेंद्र विक्रम सिंह, पंकज श्रीवास्तव व प्रवीण सोलंकी ने बताया कि घटना के पूर्व मृत इंजीनियर अतुल का वीडियो व सुसाइड नोट उसके मृत्यु पूर्व बयान की कैटेगरी में आएगा। कई मामलों में गवाहों के मुकरने के बाद भी केवल मृत्यु पूर्व बयान पर ही सजा हो चुकी है। दहेज हत्या के कई मामले इसके उदाहरण हैं। अतुल का मृत्यु पूर्व वीडियो व सुसाइड नोट विवेचना का भाग होगा। एफआईआर दर्ज होने के बाद अगर पुलिस निष्पक्ष विवेचना करेगी तो उसका हवाला विवेचना में अवश्य देगी। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में यह भी कहा है कि उसके साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न किया जाए क्योंकि उसकी प्रमाणित प्रति वह रख कर जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि मामले की जांच अवश्य होनी चाहिए जब कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है तो वह चारों तरफ से मजबूर व लाचार होकर ऐसा करता है। अतुल ने यह कदम न्यायिक प्रक्रिया व ससुराल वालों की कार्रवाई से त्रस्त होकर उठाया है। सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट इसमें हस्तक्षेप करके इसकी जांच कराए और दोषियों को दंडित किया जाए तभी न्याय की गरिमा और लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास बना रहेगा। कहा कि वह मरा नहीं बल्कि शहीद हुआ है और इस समाज की चेतना को जागृत करने का काम किया है। अधिवक्ताओं ने न्यायपालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाया। कहा कि आत्महत्या की जगह हत्या की धारा लगनी चाहिए। रोजाना कई अतुल के साथ इस तरह की घटनाएं घट रही हैं।

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