जौनपुर। शहर समता विचार मंच जौनपुर इकाई की ओर से हिंदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत महिला काव्यगोष्ठी का आयोजन 17 सितंबर को किया गया। डॉ. मधु पाठक के संयोजन में आयोजित काव्यगोष्ठी की अध्यक्षता अर्चना चौहान ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पूनम श्रीवास्तव तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. सुषमा मिश्रा और डॉ. रीना श्रीवास्तव मौजूद रहीं।
ऑनलाइन माध्यम से हुआ काव्यगोष्ठी का आयोजन
काव्यगोष्ठी का आयोजन गूगल मीट के माध्यम से शाम पांच बजे से साढ़े छह बजे तक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्षता कर रहीं अर्चना चौहान ने किया। इसके बाद छात्रा तृप्ति ने सरस्वती वंदना की सुंदर प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शुरुआत को भावपूर्ण बना दिया।
रचनाओं ने कार्यक्रम में बांधा समां
काव्यगोष्ठी का कुशल संचालन डॉ. मधु पाठक ने किया। इस दौरान रचनाकारों ने अपनी-अपनी कविताओं का पाठ कर हिंदी भाषा के प्रति अपने भाव व्यक्त किए। डॉ. सुषमा मिश्रा ने ‘यूं ही नहीं उसने घर मेरा जलाया होगा’ कविता प्रस्तुत की। डॉ. रेणुका पांडेय ने ‘हिंदी दिवस’ रचना के माध्यम से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया।
कवयित्रियों ने प्रस्तुत की विविध रचनाएं
डॉ. रीना श्रीवास्तव ने ‘क्या लिखूं मैं’ तथा छात्रा तृप्ति ने ‘तुम ही मेरी चाह में’ रचना प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि डॉ. पूनम श्रीवास्तव ने ‘एआई’ विषय पर अपनी रचना प्रस्तुत की। वहीं संयोजक डॉ. मधु पाठक ने ‘ऐ अमृत की संतान सुनो’ कविता का पाठ किया। विभिन्न विषयों पर प्रस्तुत रचनाओं ने काव्यगोष्ठी को साहित्यिक विविधता प्रदान की।
हिंदी भाषा के प्रति जताया अनुराग
काव्यगोष्ठी में हिंदी भाषा, साहित्य और समसामयिक विषयों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त किए। महिला रचनाकारों की प्रस्तुतियों को उपस्थित प्रतिभागियों ने सराहा। कार्यक्रम में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, साहित्य के प्रति रुचि और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम हुआ संपन्न
काव्यगोष्ठी के अंत में डॉ. मधु पाठक ने सभी अतिथियों, रचनाकारों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। हिंदी दिवस पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित इस महिला काव्यगोष्ठी का समापन साहित्यिक एवं रचनात्मक वातावरण के बीच हुआ।

