बिपिन सैनी
अयोध्या। सद्गुरु कुटी गोलाघाट में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के प्रथम दिवस कथावाचक पं. सीताराम नाम शरण जी महाराज ने कहा कि श्रीराम कथा मानव जीवन के लिए परम कल्याणकारी और अनुकरणीय है। यह मनुष्य के भीतर छिपे अहंकार, मोह, लोभ और अज्ञान का नाश कर उसे सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। भगवान श्रीराम का चरित्र प्रत्येक परिस्थिति में मर्यादा, धर्म और कर्तव्य का पालन करने की सीख देता है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा हमें विपरीत परिस्थितियों में भी परिवार और रिश्तों का सम्मान करना सिखाती है। नियमित रूप से श्रीराम कथा का श्रवण और स्मरण करने से मन को शांति मिलती है तथा आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
कथावाचक ने रामायण के सात कांडों—बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड का वर्णन किया। उन्होंने बालकांड के प्रमुख प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें भगवान श्रीराम के प्राकट्य, बाल लीलाओं और विश्वामित्र के साथ जनकपुर आगमन तक की प्रमुख कथाओं का वर्णन मिलता है। बालकांड में मंगलाचरण एवं विभिन्न देवताओं, गुरुजनों, संतों तथा श्रीराम नाम की महिमा का भी वर्णन किया गया है। इसी कांड में राजा दशरथ के यहां श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म तथा उनकी बाल लीलाओं का प्रसंग आता है।
इस अवसर पर महंत अनिल कुमार शरण जी महाराज, बिहारी शरण जी महाराज पुजारी, महेंद्र शरण जी, गुरुकुल के विद्यार्थी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा प्रतिदिन शाम छह बजे से रात नौ बजे तक आयोजित की जा रही है।
