देश की स्वतंत्रता के लिए मात्र 18 वर्ष की अल्पायु में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर क्रांतिकारी
अमर शहीद खुदीराम बोस के बलिदान दिवस पर शत-शत नमन।
*भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए खुदीरामबोस की तड़प व साहस अद्वितीय था।*
मातृभूमि की मुक्ति के महायज्ञ में मात्र अठारह वर्ष की अल्पायु में स्वयं को समर्पित कर उन्होंने संपूर्ण देश को अंग्रेजों के विरुद्ध जागृत किया।
*गौरतलब है कि उन्होंने अनेक यातनाएं झेली लेकिन आजादी के अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए,जिससे भयभीत होकर विदेशी हुकूमत ने अल्पायु में ही उन्हें फांसी दे दी।*
माँ भारती के लिए उनका त्याग देशवासियों को राष्ट्र सेवा में स्वयं को समर्पित करने की महान प्रेरणा देता रहेगा।
*माँ भारती के वीर सपूत, महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस का त्याग, तेज और तप प्रत्येक भारतीय को 'राष्ट्र प्रथम' के पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।*
ऐसे अमर स्वतंत्रता सेनानी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं कोटिशः नमन।
🪷*पुष्पेन्द्र सिंह*🪷
(जनसेवक-मछलीशहर,जौनपुर)
*#KhudiramBose*
