अध्यादेश लाकर सेवारत शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग
जौनपुर। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के तत्वाधान में आज उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा देश के लाखों शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शिक्षकों द्वारा शिक्षकों के भविष्य को लेकर सांसद प्रिया सरोज को ज्ञापन सौंपा गया है। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के तत्वाधान में आज उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा ज्ञापन सौंपते हुए कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय के अनुसार सभी शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) अनिवार्य कर दी गई है, जिसके कारण दशकों से अपनी सेवाएं दे रहे देश और प्रदेश के लाखों अनुभवी शिक्षकों के सामने अचानक सेवा-समाप्ति और जीविकोपार्जन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस अत्यंत संवेदनशील और राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे को लेकर आज उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ल के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षको का प्रतिनिधिमंडल सांसद प्रिया सरोज से मुलाकात की और उन्हें शिक्षकों की मांगों को अवगत कराते हुए कहा कि जिन शिक्षकों ने अपने जीवन के बहुमूल्य वर्ष देश के नौनिहालों के भविष्य को संवारने और राष्ट्र निर्माण में लगा दिए हैं, उन्हें सेवा के इस पड़ाव पर पात्रता परीक्षा के नाम पर नौकरी से बेदखल करना पूरी तरह अमानवीय और अन्यायपूर्ण है। संगठन ने मांग की है कि केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संसद के माध्यम से आवश्यक वैधानिक संशोधन करे या अध्यादेश लाकर इन-सर्विस शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त रखे। शिक्षकों के वर्षों के शैक्षणिक अनुभव को ही उनकी पात्रता का अंतिम आधार माना जाना चाहिए, ताकि उनके मान-सम्मान और सेवा की सुरक्षा हो सके। इसके साथ ही संगठन ने इस कानूनी असमंजस की आड़ में शिक्षकों के हो रहे उत्पीड़न और नियम-विरुद्ध समायोजन जैसी दमनकारी कार्यवाहियों पर भी तत्काल रोक लगाने की पुरजोर वकालत की है।
इस दौरान सांसद प्रिया सरोज ने शिक्षकों की इस न्यायसंगत मांग को पूरी गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि शिक्षकों की आवाज को संसद के पटल पर रखूंगी और शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहूंगी।
इस अवसर पर जिला मंत्री रवि चंद्र यादव, लालसाहब यादव, रामदुलार, लक्ष्मीकांत सिंह, शिवेंद्र सिंह रानू, प्रशांत मिश्र, विष्णु तिवारी, राकेश पाण्डेय, विक्रम प्रकाश यादव, सुधीर कुमार सिंह, दिवाकर दुबे, पवन सिंह, सूरज मौर्य, धर्मेंद्र यादव, अनिल कुमार, इमरान,घनश्याम मौर्य, वेदप्रकाश सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

