जनपदों में आने वाले कांवड़ियों/श्रद्धालुओं को समुचित व्यवस्था से मिले बेहतर अनुभव
निर्भय सक्सेना
बरेली। प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल तथा पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में कांवड़ यात्रा- 2026 की सुरक्षा-व्यवस्था एवं तैयारियों के सम्बंध में बरेली/मुरादाबाद मण्डल की समीक्षा बैठक में कहा गया कि विगत वर्ष की भांति इस बार भी कांवड़ियों/श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। बरेली में कांवड़ कमांड एवं कन्ट्रोल केन्द्र भी स्थापित किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक परिक्षेत्र बरेली रमित शर्मा ने बताया कि यहां मुख्य रूप से हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर व बदायूं के कछला से जल लेकर श्रद्धालु आते हैं। सर्किट हाउस स्थित सभागार में हुई समीक्षा बैठक में बरेली जोन के 06 जनपदों के 15 संवेदनशील थानों की समीक्षा बैठक इस बार पूरी तरह से दुर्घटना मुक्त कांवड़ के लक्ष्य को लेकर कार्य किया जा रहा है व पूरी एहतियात बरती जा रही है। रमित शर्मा ने बैठक में बताया कि ब्रज घाट, कछला घाट, तिगरी गंगा घाट व अन्य महत्वपूर्ण घाटों का भ्रमण कर निरीक्षण कर लिया गया है और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों का तत्काल खण्डन के सम्बन्ध व प्रचार- प्रसार की दृष्टि से कार्य किया जाएगा तथा कांवड़ यातायात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में ही बरेली में उर्स-ए- रजवी 06 से 08 अगस्त 2026 तक, पीलीभीत में उर्स-दरगाह हशमत अली 05 से 07 अगस्त 2026 तक तथा ईद-ए-मिलाद उल नवी/बारावफात 26 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा, इस दृष्टि से भी पूरी तैयारी की जा रही है।
मण्डलायुक्त बरेली भूपेन्द्र एस चौधरी ने बताया कि मण्डल में कुल 20 शोभायात्राएं, 16 मेले व 116 शिविर आयोजित होंगे। 31717 कांवड़ियों के जत्थे बरेली मण्डल तथा मण्डल में 15 मंदिर चिन्हित हैं। जहां मुख्यतः जलाभिषेक होता है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने हेतु आवश्कतानुसार बैरिकेटिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेड़ों को छटाई, घाटों पर नाव, गोताखोरों की व्यवस्था, मोबाइल टायलेट व महिलाओं के लिए चेंजिंग रुम आदि की व्यवस्था की जा रही है।
अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि शाहजहांपुर वाले लोग मुख्यतः ढाई घाट से जल लेते हैं और गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर) में जल चढ़ाते हैं। कांवड़ यात्रा हेतु 08 सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर तथा 220 सब सक्टेर बनाए गए हैं। 94 पीए सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता रहेगा तथा 123 पुलिस सहायता केन्द्र बनाए गए हैं। 91 मिशन शक्ति केन्द्र बनाए जा रहे हैं जहां महिला कांवड़ियों की सुरक्षा व सहायता हेतु महिला पुलिस रहेगी। डीजे संचालकों को 168 बीएनएसएस तामील कराया गया है। बिना साइलेंसर के गाड़ियों पर भी प्रभावी कार्यवाही की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी बरेली अविनाश सिंह ने बताया कि जनपद में लगभग 15 लाख कांवड़िये आते हैं। उनके स्वागत हेतु पांच मुख्य द्वारों को सुंदर लाइट व फूलों से सजाया जाएगा तथा कांवड मार्गों पर चिन्हित गढ्ढों/जलभराव/असुरक्षित कट आदि का चिन्हिकरण करते हुए मरम्मत करा दी गयी है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि बिजली के खम्भों पर प्लास्टिक शीट/श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की व्यवस्था/होटल व ढाबों की नियमित निगरानी/ग्राहक संतुष्टि फीडबैक हेतु क्यू आर चस्पा किया गया है। 30 स्थानों पर चिकित्सा शिविर, 43 एम्बुलेंस, निराश्रित पशुओं को मार्गों से हटाने के लिए 40 कैटल काउचर भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष की भांति इस बार भी कांवड़ियों/श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली- बदायूं मार्ग को मुख्यतः कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है। कांवड़ कमांड एवं कन्ट्रोल केन्द्र भी स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि उर्स में आने वाले जायरीनों व कांवड़ियों के कुछ मार्ग संयुक्त है, जिसके दृष्टिगत व्यापक तैयारियां की गयी है तथा सीसीटीवी कैमरे/ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बदायूं ने अपने जनपद की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि घटना/दुर्घटना रहित कांवड़ यात्रा सम्पन्न कराए जाने की दिशा में समस्त तैयारियां की गयी हैं। अधिकांश कांवड़िये कछला से ही जल लेने जाते है इस दृष्टि से रुट डायवर्जन किया गया है तथा गोताखोरों/लाइफ जैकेट व लाइफ बोट की व्यवस्था भी की गयी है। कछला घाट के किनारे बड़ी-बड़ी पार्किंग चिन्हित की गयी है, 10 वाॅच टावर बनाए गए हैं, पानी की गहराई को लेकर सचेतक बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं, चिकित्सा शिविर बनाए गए हैं, महिलाओं के लिए चेंजिंग रुम/कवर्ड टेंट/खोया-पाया केन्द्र बनाए गए हैं, अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं तथा 14 एम्बुलेंस व क्रेन की व्यवस्था की गयी है।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर ने बताया कि जनपद में 07 जोन तथा 17 सेक्टर बनाए गए हैं, 38 कांवड़ शिविर स्थापित किए गए हैं। पेयजल/मोबाइल टायलेट/सुरक्षित खाद्य पदार्थों की चेकिंग के लिए टीमें लगायी गयी हैं। उन्होंने बताया कि 07 चिकित्सीय शिविर बनाए गए हैं तथा विद्युत सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए गए हैं व कांवड़ कन्ट्रोल रुम भी बनाया गया है। फर्रुखाबाद के ढाई घाट में भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी है। 1477 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं तथा पीस कमेटी/डीजे संचालकों/जत्थेदारों के साथ बैठक कर ली गयी है।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने बताया कि उनके जनपद में मुख्यतः कछला घाट से ही कांवड़ आती हैं इसके अतिरिक्त हरिद्वार से भी लोग कांवड़ लाते है। रूट डायवर्जन कर लिया गया है मुख्यतः गौरी शंकर मंदिर और एकोत्तर नाथ मंदिर में जलाभिषेक होता है। जनपद में 04 जोन, 16 सेक्टर, 68 सब सेक्टर बनाए गए हैं। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, सीसीटीवी/ड्रोन कैमरा, कंट्रोल रुम, सब कंट्रोल रुम तथा शिविर आदि की स्थापना की गयी है। संवाद गोष्ठीयां कर ली गयी हैं, अंतरराज्यीय और अंतर जनपदीय बैठके भी हो गयी हैं तथा कांवड़ मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश, बैरिकेटिंग आदि की व्यवस्था की गयी है। इसके अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनात किए गए हैं, चिकित्सा टीमें, एम्बुलेंस, वाटर टैंक, मोबाइल शौचालय, नाव, गोताखोरों, अग्निशमन की गाड़ियां आदि की व्यवस्था भी की गयी है।
पुलिस उप महानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र ने बताया कि हरिद्वार से मुख्यतः कांवड़ आती हैं, कांवड़ के पांच मुख्य मार्ग हैं। वाहनों की स्पीड कम करने के लिए रम्बल स्ट्रीप लगाए जा रहे हैं क्योंकि पूर्व में ओवर स्पीड के कारण दुर्घटनाएं हुई हैं तथा डायवर्जन मार्गों तथा मंदिरों का भ्रमण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि रामपुर जनपद में कांवड़ जत्था ऐप बनाया गया है, जिसके माध्यम से जत्थेदारों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग, अन्तर जनपदीय ट्रैकिंग, त्वरित समस्या निवारण, इमरजेंसी एसओएस की सुविधा प्राप्त होगी।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद ने बताया कि जनपद में 11 जोन, 24 सेक्टर, 31 सब सेक्टर बनाए गए हैं। श्रद्धालु हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से जल लाते हैं। कांठ में रेलवे लाइन की क्रॉसिंग है जहां एक दिन में 127 ट्रेनों का आवागमन होता है, जिस कारण कांवड़ियों के आवागमन में असुविधा होती है इसके साथ ही गागन नदी का पुल क्षतिग्रस्त है यह भी समस्या है। तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं, आवश्यक दवाईयों की व्यवस्था है। होटल/रेस्टोरेंट पर रेट लिस्ट लगवा दी गयी है और गुणवत्ता की भी समय-समय पर चेक करायी जाएगी। विद्युत के लिए अलग से कंट्रोल रूम बनाया गया है।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बिजनौर ने बताया कि उनके यहां ओवर स्पीड मुख्य समस्या है, जिसे कम करने के लिए प्रयास किया जा रहा है कि हर पांच किलोमीटर पर एक शिविर हो, जिससे कांवड़ियां जगह-जगह रूकते हुए चले और ओवर स्पीड ना करें। इसके अतिरिक्त रोड सेफ्टी, लाइट/बैरिकेटिंग, चिकित्सा व्यवस्था आदि के दृष्टिगत भी तैयारियां की गयी है।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक सम्भल ने बताया कि उनका जनपद में 05 जोनल मजिस्ट्रेट, 87 मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगायी गयी हैं। बैठक में जानकारी दी गयी कि यातायात प्रबंधन/मार्ग डायवर्जन लागू है। चेंजिंग रूम, शौचालय, विद्युत पोलों की रैपिंग, खाद्य पदार्थों की जांच आदि की व्यवस्था की जा रही है। 24 घंटे सोशल मीडिया की निगरानी, आईसीसीसी के माध्यम से निगरानी, बैरिकेडिंग, वाटर स्कूटर, लाइफ सेविंग रिंग आदि की व्यवस्था भी की गयी है। उनके यहां मुख्य रूप से पातालेश्वर मंदिर पर जलाभिषेक होता है।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक रामपुर ने बताया कि 01 सुपर जोन, 06 जोन एवं 16 सेक्टर में बनाए गए हैं। भमरौआ मंदिर को जाने वाले मार्ग का जीर्णोद्धार कराया गया है तथा पेयजल, प्रकाश, हेल्थ कैम्प, एम्बुलेंस आदि की व्यवस्था भी की गयी है।
जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षक अमरोहा ने भी अपने जनपद की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिगत डिवाइडर बनवाकर उस पर भी ग्रिल लगवायी गयी है, जिससे कांवड़िये एक ओर से दूसरी ओर ना जाएं और किसी प्रकार की दुर्घटना ना हो।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि पूरी कांवड़ यात्रा घटना/ दुर्घटना रहित सम्पन्न करायी जाए। उन्होंने कहा कि अच्छी तैयारी की गयी है। हमारा लक्ष्य है कि कोई अप्रत्याक्षित घटना ना हो इस दृष्टि से कार्य किया जाए। ब्रज घाट व कछला घाट का मार्ग जो संवेदनशील है उस पर घटनाएं/दुर्घटनाएं ना हो इसलिए पूरी तैयारी समय से कर लें और इसे रोकने के लिए होमवर्क भी कर लें अगर इन सबके बाद भी घटनाएं होती है तो रिस्पांस त्वरित करें, जिससे व्यवस्था को संभाला जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षित कर लें तथा किस जोन में कितने लोग आने वाले हैं इसकी लाइजिनिंग बनाकर रखा जाए तथा पूर्व में जो घटनाएं हुई है वह किन कारणों से हुई इसकी भी समीक्षा कर लें, जिससे उन गलतियों से बचा जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि कन्ट्रोल रुम में जिन लोगों को बैठाया जाए उनका प्रशिक्षण होना आवश्यक है, जिससे वह सही मार्गदर्शन व कार्य कर सकें।
प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल ने निर्देश दिए कि जो श्रद्धालुगण आपके जनपद में आ रहे हैं उन्हें अच्छी व्यवस्थाएं मिले तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, टॉयलेट आदि भी साफ रहे इसके लिए सभी संबंधितों को निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली ना जाए, अपरिहार्य स्थिति में जनरेटर की भी व्यवस्था रखें। जो भी श्रद्धालुगण आपके जनपद में आए एक अच्छा अनुभव लेकर यहां से जाएं।
बैठक के अंत में अपर पुलिस महानिदेशक परिक्षेत्र बरेली रमित शर्मा द्वारा सभी आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
बैठक में मण्डलायुक्त बरेली मण्डल भूपेन्द्र एस चौधरी, अपर पुलिस महानिदेशक परिक्षेत्र बरेली रमित शर्मा, पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र बरेली अजय कुमार साहनी, पुलिस उप महानिरीक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र मुनिराज जी, बरेली व मुरादाबाद मण्डल के समस्त जनपद के जिलाधिकारी/पुलिस अधीक्षकगण व सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


