Meerut News : सदैव समाज को जोड़ने वाली शक्ति रही है भारत की संत परंपरा : श्रीमहंत रविंद्रपुरी जी महाराज

Team NSN

मेरठ में “सामाजिक समरसता में गोरक्षपीठ की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी

नया सवेरा नेटवर्क

मेरठ। गुरु गोरक्षनाथ जी महाराज की असीम अनुकंपा एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्य स्मृति में ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “सामाजिक समरसता में गोरक्षपीठ की भूमिका” चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में हुई। मेरठ में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, पत्रकारों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकात्मता के विषय पर एक व्यापक वैचारिक मंच प्रदान किया।

Meerut News : सदैव समाज को जोड़ने वाली शक्ति रही है भारत की संत परंपरा : श्रीमहंत रविंद्रपुरी जी महाराज

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी जी महाराज ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारत की संत परंपरा सदैव समाज को जोड़ने वाली शक्ति रही है और गोरक्षपीठ ने इस परंपरा को सेवा, समर्पण और सामाजिक समरसता के माध्यम से जीवंत बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और अवसर पहुँचाने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर जी महाराज ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि सनातन संस्कृति का मूल भाव ही समरसता है। उन्होंने समाज को जातीय, क्षेत्रीय और वैचारिक विभाजनों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट होने का आह्वान किया। स्वामी जी ने अपनी भिक्षा यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत की आत्मा आज भी गाँवों, आश्रमों और समाज की जड़ों में जीवित है तथा उसे जागृत करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के अति-विशिष्ट अतिथि मा. पदम सिंह जी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने कहा कि सामाजिक समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ ने समाज के वंचित, उपेक्षित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है, जो आज के भारत के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करता है।

ब्लॉसम इंडिया फाउंडेशन के संस्थापक एवं कार्यक्रम संयोजक श्री शशि प्रकाश सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का स्वागत करते हुए कहा कि “समरसता संवाद” केवल एक कार्यक्रम श्रृंखला नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ ने सदियों से सामाजिक समरसता, सेवा और राष्ट्रधर्म की जो परंपरा स्थापित की है, उसे समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।

संगोष्ठी का समापन राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के आदर्शों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने तथा सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक ले जाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 25 लोगों को “समरसता सम्मान” से सम्मानित किया गया।

Gahna Kothi Jaunpur | गहना कोठी जौनपुर

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!