Jaunpur : ​श्रीमद्भागवत आज के समय की मांग : कमल लोचन प्रभु

Team NSN

जौनपुर। अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) जौनपुर द्वारा नगर के वाजिदपुर तिराहे के पास स्थित एक उपवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण देखने को मिला। भव्य संकीर्तन यात्रा के बाद कथा व्यास कमल लोचन प्रभु जी (अध्यक्ष इस्कॉन मीरा रोड—मुंबई एवं वापी—गुजरात) ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और भक्तियोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यूक्रेन, इजरायल, बंगलादेश और संभल की घटनाएं और दुनिया भर में कई अन्य घटनाएं एक ईश्वरविहीन सभ्यता की रचनाएं हैं। समय की मांग है कि उनका प्रतिकार किया जाय, क्योंकि यह प्रवृत्ति समग्र मानवता के लिए बहुत हानिकारक है। यह कोई दिलचस्पी का सवाल नहीं है कि श्रीमद्भागवत के पन्नों में वर्णित विषयों में किसी की रुचि हो या न हो लेकिन फिर भी उन्हें एक पुरानी बीमारी के इलाज के लिए दवाओं की खुराक के रूप में निगलना होगा।
उन्होंने कहा कि समाज व्यवस्था में जिम्मेदार पदों पर आसीन सज्जनों, जैसे कि सभी प्रशासक, सभी व्यवसायी, सभी मिल मालिक, सभी उद्योगपति, सभी कृषक, सभी शिक्षाविद आदि से सादर अनुरोध है कि वे सामूहिक रूप से अथवा अलग-अलग अपनी शक्ति, धन, बुद्धि और वाणी द्वारा सम्पूर्ण विश्व में भगवान की भक्ति का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। विधायी कार्यवाहियां या राज्य का ऐसा ही कोई दबाव, गुमराह नागरिक के पतित हृदय को तब तक नहीं बदल सकता जब तक कि वह अपने स्वयं के दिव्य स्वभाव से जागृत न हो जाय, इसलिए व्यक्ति के भीतर सुप्त दिव्य स्वभाव को जागृत करना आवश्यक है, अन्यथा सभी बाह्य योग्यताएं मृत शरीर की सजावट मात्र रह जायेंगी।
उन्होंने बताया कि रामबाण उपाय यह है कि ईश्वर से प्रेम करना सीखें। एक झूठे ईश्वर की रचना करना या कल्पना द्वारा एक झूठे ईश्वर बन जाना, ईश्वर से प्रेम करने और ईश्वर में रुचि रखने की तुलना में बहुत ही घटिया कार्य है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति शुद्ध प्रेम स्वतः ही मनुष्य को सभी ऋषि गुणों से युक्त बना देता है जबकि भगवान के प्रति ऐसे शुद्ध प्रेम के अभाव में, सभी सांसारिक गुण सर्प के सिर पर मणि के समान प्रतीत होंगे। ऐसी योग्यताएं निश्चित रूप से माया नामक मायावी प्रकृति के हाथों में औजार बन जायेंगी। दूसरे दिन की शुरुआत हरिनाम संकीर्तन यात्रा से हुई जिसमें इस्कॉन के भक्तों ने नगर की गलियों में भजन-कीर्तन करते हुए भगवान के नाम का प्रचार किया। संकीर्तन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। दूसरे दिन के यजमान नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष दिनेश टंडन और माया टंडन रहे।
इस दौरान कार्यक्रम संयोजक डा. क्षितिज शर्मा ने सभी भक्तजनों से अपील किया कि वे इस पवित्र कथा में सम्मिलित होकर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करें और अपने जीवन को आध्यात्मिकता से भरें। इस अवसर पर तमाम लोग उपस्थित रहे।


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