रोहिलखंड विश्व विद्यालय, बरेली के दीक्षांत समारोह को एवं परिसर में स्वामी विवेकानंद प्रतिमा का ऑनलाइन ही अनावरण किया
निर्भय सक्सेना
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली का 24 वाँ दीक्षांत समारोह को कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने राजभवन लखनऊ से ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया। मौसम खराबी के कारण बरेली नहीं आ पाने के बाबजूद समारोह की शुरुआत कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने लखनऊ से स्वर्ण जयंती द्वार स्थित युवा प्रेरणा स्थल पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण कर किया। तत्पश्चात, प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान(पीएम- उषा)के अंतर्गत नवीनीकृत कृषि एवं प्रौद्योगिकी संकाय का लोकार्पण किया गया। साथ ही, जिला प्रशासन के सहयोग से एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के प्रमाणपत्रों का वितरण भी किया गया।
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि स्वर्ण पदक विजेताओं में बेटियों की संख्या अधिक होना गर्व की बात है और यह दर्शाता है कि शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में बेटियाँ निरंतर आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी समान अवसर प्राप्त हों।
उन्होंने एचपीवी टीकाकरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए यह अत्यंत आवश्यक पहल है और इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। डिजिलॉकर के माध्यम से उपाधि वितरण की व्यवस्था की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस मॉडल को अन्य विश्वविद्यालयों में भी अपनाया जाना चाहिए तथा इस हेतु राजभवन में बैठक की जा सकती है।
उन्होंने युवा उद्यमिता पर जोर देते हुए कहा, भारत युवाओं का देश है, और युवाओं को स्टार्टअप एवं स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।हाल ही में विक्रम वन’ सैटेलाइट के प्रक्षेपण का उदाहरण देते हुए उन्होंने युवाओं की शक्ति की सराहना की। राष्ट्रमंडल खेलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2030 में गुजरात में होने वाले अगले राष्ट्रमंडल खेलों को दृष्टिगत रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत 2036 तक 36,441 करोड़ रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख किया।
अंत में, कुलाधिपति ने सभी मेडल एवं उपाधि प्राप्तकर्ताओं तथा उनके अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा विश्वविद्यालय के जिन क्षेत्रों में और सुधार की आवश्यकता है, उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. राकेश कुमार, जो भारत सरकार के स्वास्थ्य विभाग में पूर्व संयुक्त सचिव, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष तथा यूएनडीपी इंडिया के पूर्व मुख्य सलाहकार रह चुके हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर पी. बी. सिंह, कुलपति, शुकदेवानंद विश्व विद्यालय, शाहजहाँपुर उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में बरेली के बीजेपी सांसद छत्रपाल गंगवार ने कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम की मेजबानी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के. पी. सिंह ने की।
इसके पश्चात, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि तथा कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों की शोभायात्रा दीक्षांत स्थल ‘अटल सभागार’ पहुँची। ‘वंदे मातरम’ एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के गायन के बाद कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा की।
अपने स्वागत भाषण में कुलपति प्रोफेसर के. पी. सिंह ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ‘A++’ ग्रेड तथा यू जी सी द्वारा ‘कैटेगरी-1’ का दर्जा प्राप्त है। पिछले पाँच दशकों में विश्वविद्यालय ने शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शोध को बढ़ावा देने के लिए शोध निदेशालय की स्थापना की गई है, जिसके अंतर्गत लगभग 1 हजार छात्रों को पूर्ण छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। कुलपति ने यह भी बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के युग में विश्वविद्यालय ने बी टेक (एआई)पाठ्यक्रम की शुरुआत की है, जो समय की आवश्यकता एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है।
दीक्षांत समारोह में कुल 100,631 छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इन उपाधियों को डिजिलॉकर पर अपलोड करने की व्यवस्था भी की गई। उपाधि प्राप्त करने वालों में 62% छात्राएँ एवं 38% छात्र शामिल रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण 85 स्वर्ण पदक विजेता रहे, जिनमें 71 छात्राएँ एवं 14 छात्र शामिल थे। सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
पारंपरिक जयपुरी लाख की चूड़ियों की हस्तकला के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अमूल्य योगदान के लिए श्री इस्लाम अहमद को ‘डी.लिट.’ (मानद उपाधि) से विभूषित किया गया।
साथ ही, माननीय कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने दो शिक्षकों को ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ से नवाजा। इनमें विश्वविद्यालय परिसर से प्रोफेसर विनय ऋषिवाल (अधिष्ठाता, छात्र कल्याण एवं अध्यक्ष, सी एसआई टी विभाग) तथा संघटक महाविद्यालय मीरापुर बाँगर, बिजनौर से डॉ. सचिन कुमार शामिल रहे।
अति विशिष्ट अतिथि छत्रपाल गंगवार, सांसद बरेली ने सभी उपाधि एवं पदक प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह के बाद अब आपकी वास्तविक परीक्षा समाज में शुरू होती है। उन्होंने कहा, “अब समय है कि आप अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए करें।
मुख्य अतिथि डॉ. राकेश कुमार ने दीक्षांत भाषण में कहा कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप उद्योग एवं समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपयोगी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं। उन्होंने कहा, “नेक की A++ ग्रेडिंग एवं यूजीसी की कैटेगरी-1 यह दर्शाती है कि यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।” छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, आज आपके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो रहा है और नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। शिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए’ । इसी मंत्र को अपने जीवन में उतारें।” उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण को सफलता का 85 प्रतिशत आधार बताया तथा एचपीवी वैक्सीन अभियान की सराहना की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गाँव के विद्यालयों के तीन बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता होने पर पुरस्कृत किया गया। साथ ही, 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ‘आंगनबाड़ी किट’ एवं प्राथमिक विद्यालयों के दो प्रधानाचार्यों को राजभवन से प्राप्त पुस्तकें वितरित की गईं। समारोह के अंत में कुलपति प्रोफेसर के. पी. सिंह ने मुख्य अतिथि एवं अतिविशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

