Jaunpur : ​​भगवान भक्तों के अभिमान का करते हैं नाश: आचार्य शान्तनु

Team NSN
सुइथाकला, जौनपुर। स्थानीय विकास खंड के सुइथाकला गांव में यमुना प्रसाद सिंह के आवास पर चल रही सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठ दिवस पर कथा व्यास आचार्य शान्तनु महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने गोवर्धन पूजा और इन्द्र के अहंकार के प्रसंग को विस्तार से बताते हुए कहा कि भगवान अपने भक्तों के अभिमान का नाश कर उन्हें सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब ब्रजवासियों ने इन्द्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पूजा प्रारम्भ की तो इन्द्र क्रोधित हो उठे और उन्होंने प्रलयंकारी वर्षा कर ब्रज को नष्ट करने का प्रयास किया। इस संकट की घड़ी में भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर धारण कर ब्रजवासियों की रक्षा की और इन्द्र के अहंकार का अंत किया।
आचार्य जी ने कहा कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें अहंकार से दूर रहने का संदेश देते हैं। कथा के प्रारम्भ में उन्होंने टीएससीटी योजना के जिला संयोजक अरविन्द यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि परहित के लिए लाखों लोगों को जोड़ना अत्यंत सराहनीय कार्य है। इस दौरान मुख्य यजमान यमुना प्रसाद सिंह ने सपत्नीक परिवार के साथ पूजन एवं आरती कया। कथा के आयोजन में रमेश सिंह, डॉ. उमेश सिंह, डॉ. दिनेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं।

Uploaded Image

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!