नया सवेरा नेटवर्क
आजमगढ़। साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान "साइबर ठगी के जड़ में वार" के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं अपर पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में साइबर सेल और थाना अहरौला पुलिस की संयुक्त टीम ने देशव्यापी साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपितों के तार देशभर में दर्ज 448 साइबर शिकायतों से जुड़े पाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार समन्वय पोर्टल से प्राप्त म्यूल खातों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि भारतीय स्टेट बैंक में फर्जी फर्मों ट्विनबिल्ड वेल और आरजे इंफ्रा के नाम से खोले गए बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेन-देन में किया जा रहा था। तकनीकी एवं वित्तीय जांच में एक खाते में मात्र तीन दिनों के भीतर लगभग 40 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला।
आजमगढ़ पुलिस ने संबंधित बैंकों और एजेंसियों के सहयोग से साइबर अपराध से जुड़ी लगभग 10 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज कराई, जिससे पीड़ितों की रकम सुरक्षित रखने में सफलता मिली। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने दुर्वासा मंदिर के पास घेराबंदी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराध में उनकी संलिप्तता सामने आने पर थाना अहरौला में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी फर्म बनाकर तथा बैंक कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से करंट अकाउंट खुलवाते थे। भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाए जाते थे, जिसके बाद पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में लेकर साइबर ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था। बाद में इस धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर गिरोह के सदस्यों में बांट दिया जाता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों में सुधाकर निवासी इटौरा, नितिन मिश्रा निवासी मखदूमपुर, नवनीत सिंह निवासी शम्भूपुर पुरा गहजी तथा सुमित सिंह निवासी बाकरकोल शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से छह एटीएम कार्ड, फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी, कूटरचित मुहरें, ब्लैंक चेक, विदेशी सिम कार्ड, मोबाइल फोन, एक महिंद्रा थार ROXX और एक होंडा मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने नाम से बैंक खाता, फर्म या सिम कार्ड उपलब्ध न कराएं। किसी भी साइबर ठगी अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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