यह मेरा पहला और अंतिम चुनाव : रमेश सिंह | #NayaSaberaNetwork

Team NSN
  • मेरी कथनी करनी में नहीं होगा कोई अंतर
  • शिक्षकों के उमड़े जनसैलाब देख गद्गद नजर आये एमएलसी प्रत्याशी
  • एमएलसी प्रत्याशी ने चार सेट में किया नामांकन पत्र दाखिल
हिम्मत बहादुर सिंह
वाराणसी। शिक्षक खण्ड निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के एमएलसी पद के प्रत्याशी रमेश सिंह ने बुधवार को चार सेटों में वाराणसी मण्डलायुक्त के कक्ष में नामांकन पत्र दाखिल किया। इससे पूर्व कटिंग (छोटी) मेमोरियल इण्टर कालेज वाराणसी में आयोजित जनसभा में सभी आठ जिलों से आये शिक्षक और शिक्षिकाओं ने रमेश सिंह को सदन में पहुंचाने के लिए हुंकार भरी। शिक्षकों और शिक्षिकाओं के उत्साह को देखकर प्रत्याशी रमेश सिंह भी गदगद नजर आये।

इस मौके पर एमएलसी प्रत्याशी रमेश सिंह ने कहा कि यह मेरा पहला और अंतिम चुनाव है, 2024 में मैं सेवानिवृत्त हो जाउंगा, सेवानिवृत्त होने के बाद न संगठन के किसी पद पर रहूंगा और न ही कोई चुनाव लड़ूंगा। मैं संरक्षक के रुप में आजीवन संगठन के लिए कार्य करता रहूंगा। उन्होंने आये शिक्षकों को पूरी तरह से आश्वस्त किया कि मेरी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं होगा और अगर मुझे सदन में पहुंचने का मौका मिला तो उनकी मान सम्मान के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई करने में पीछे नहीं रहूंगा। 
यूपी कालेज के शिक्षक राणा सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में हम शिक्षकों को एक ऐसे रहनुमा की जरुरत है जो मेरी समस्याओं को और मेरे ज्वलंत मुद्दो को गंभीरता से उठायें न की सरकार की राग में राग अलापे। स्ववित्तपोषित महाविद्यालय संघ के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश सिंह ने कहा कि अब मौका आ गया है कि शिक्षक अपने हितों के लिए एकजुट होकर एक ऐसे शिक्षक को सदन में पहुंचायें जो उनकी अगुवाई कर सके। डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि पुरुष शिक्षकों से महिलाएं भी पीछे नहीं रहेंगी और एक दिसम्बर को होने वाले शिक्षक विधायक के चुनाव में बढ़ चढ़कर अपना मत देकर रमेश भइया को सदन में पहुंचाने का काम करेंगी।
गाजीपुर के अटेवा संघ के अध्यक्ष अंजनी सिंह ने कहा कि जौनपुर के बाद सबसे अधिक समर्थन रमेश सिंह को गाजीपुर से मिलेगा। गाजीपुर के शशिकांत सिंह ने कहा कि तत्कालीन विधायक को इस उद्देश्य से सदन में भेजा गया था कि लेकिन उनके कार्यकाल में माध्यमिक शिक्षक संघ को कोई उपलब्धि नहीं मिली और जो भी उपलब्धियां थी वो भी धीरे धीरे छिनती गयी। संघ के प्रदेश मंत्री डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि आठ जिलों से जिस तरह से शिक्षकों का उत्साह देखने को मिल रहा है, इससे यह साबित हो गया है कि सरताज रमेश सिंह के सिर पर ही बंधेगा। प्रधानाचार्य डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव ने भी जोश भरा और शिक्षकों से एकजुट होकर जीताने की अपील की।
उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री राजेश कुमार सिंह मुन्ना ने कहा कि स्व. पंचानन राय के बाद यदि कोई शिक्षकों का हितैषी नेता है तो वह रमेश सिंह हैं और उन्हें किसी भी कीमत पर सदन पर पहुंचाने की जिम्मेदारी हम शिक्षकों की है। सभा को कैलाश यादव, विजय बहादुर यादव, अश्वनी सिंह, राजेंद्र द्विवेदी सहित दर्जनों शिक्षकों ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का संचालन शशि प्रकाश मिश्र ने किया। 
इस मौके पर प्रधानाचार्य संतोष सिंह, प्रबंधक शैलेंद्र सिंह, विनोद कुमार राय, माउंट लिट्रा जी स्कूल जौनपुर के निदेशक अरविंद सिंह, बृजेश सिंह, पूर्व सभासद विनय सिंह, दिनेश सिंह, सुभाष सिंह, राकेश सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, रामदत्त सिंह, प्रधानाचार्य रामअचल यादव, अशोक सिंह जिलाध्यक्ष वाराणसी, रविंद्र नाथ पटेल मण्डलीय मंत्री मिर्जापुर, सुशील सिंह प्रधानाचार्य सदस्य प्रदेश कार्यसमिति उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ, प्रदेश महामंत्री संस्कृत शिक्षा उ.प्र. संस्कृति अनुभाग मौलाना दाऊद आलम वरिष्ठ नेता अरबिया मदरसा, चंद्रेश सिंह अध्यक्ष प्रबंधक महासभा पूर्वांचल विश्वविद्यालय, साहब लाल यादव महामंत्री उ.प्र.मा. शिक्षणेत्तर संघ जौनपुर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

एमएलसी प्रत्याशी रमेश सिंह के नामांकन से उड़ी मठाधीशों की नींद
वाराणसी। एमएलसी प्रत्याशी रमेश सिंह के नामांकन जुलूस में उमड़े शिक्षकों और शिक्षिकाओं के सैलाब को देखकर शिक्षा जगत के मठाधीशों की नींद उड़ गयी है। कटिंग छोटी मेमोरियल इण्टर कालेज परिसर से जनसभा के बाद जो शिक्षकों का जुलूस लगभग दो किमी तक कमिश्नरी तक पहुंचा लेकिन शिक्षकों का जोश देखने लायक था। शिक्षकों के गगनभेदी नारों से आस—पास का इलाका भी गूंज रहा था। सड़क से आने जाने वाले राहगीर भी इस जुलूस के सैलाब को देखते नजर आये।

एमएलसी प्रत्याशी ने नामांकन के पूर्व बाबा विश्वनाथ के दरबार में टेका मत्था
वाराणसी। एमएलसी प्रत्याशी रमेश सिंह ने बुधवार को नामांकन से पूर्व मुहूर्त के मुताबिक बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर नामांकन किया। उनके मृदुल व्यवहार एवं उनके कर्मठता की बखान मंच से वक्ताओं ने भरपूर किया। शिक्षकों से सभी वक्ताओं ने एक दिसम्बर को प्रथम वरियता का मत देकर विजयी बनाकर सदन में भेजने का आह्वान किया। शिक्षकों के गगनचुम्बी नारे से पूरा इलाका गुंजायमान होता रहा और शिक्षको का जोश बढ़ता रहा।




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