उमरछा गांव में स्थित मृत्युंजय महादेव धाम पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम श्रीकृष्ण सुदामा चरित्र का वर्णन सुन भक्तों की आँखे नम
रतन लाल आर्य @ नया सवेरा
बक्शा, जौनपुर। स्थानीय विकास खण्ड के उमरछा गांव में स्थित मृत्युंजय महादेव धाम पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार की रात्रि कथा ब्यास आचार्य अनिलेश शुक्ल ने कहा श्रीकृष्ण व सुदामा की मित्रता समाज के लिए अनुकरणीय है। श्रीकृष्ण लीला का अलग-अलग चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा की सुदामा के प्रति श्रीकृष्ण का प्रेम आज भी समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से लोक परलोक दोनो सुधर जाता है। आज जब भाई-भाई के खून का प्यासा हो जा रहा है ऐसे में श्रीकृष्ण व सुदामा के बीच दिखा भावविह्वलता समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि सत्संग से दुर्लभ मानव योनि को भी मोक्ष मिल जाता है। भागवत कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलयुग केवल राम अधारा, सुमिरि-सुमिरि नर उतरहि पारा।
ब्यास ने कहा कि कलयुग में राम का नाम ही भवसागर से पार करा सकता है। कथा समापन के बीच एक माह तक अनवरत सहयोग करने वाले महिला युवतियों एवं युवाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य यजमान आयोजक भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। कथा समापन पर प्रमुख रूप से राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीशचंद्र यादव, बदलापुर विधायक रमेशचंद मिश्र, पूर्व विधायक डॉ. हरेन्द्र प्रताप सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह मुन्ना, शिक्षक नेता संतोष सिंह,यादव, बदलापुर विधायक रमेशचंद मिश्र, पंकज मिश्र, संतोष मिश्र,विनय शुक्ला, विकास शर्मा, नीरज मौर्य, संतोष सिंह, दीपक सिंह मिंटो, उमेशचन्द उपाध्याय, पद्यावती उपाध्याय, सतीश उपाध्याय, नीलम उपाध्याय, अधिवक्ता संतोष कुमार उपाध्याय, स्नेहलता उपाध्याय, अरुण उपाध्याय,अरुण कुमार सिंह, कपिलमुनि मिश्र, रमाशंकर उपाध्याय, सदानंद शुक्ल, कैलाश शुक्ल, हीरामणि उपाध्याय, ढोलन शुक्ल, विकास, पुजारी अभिषेक व आदर्श मिश्र सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे। अंत मे आरती व भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
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