चेतन सिंह @ नया सवेरा
बरसठी, जौनपुर। थाना क्षेत्र के कारो गांव स्थित वरुणा नदी में कथित अवैध खनन की जांच के दौरान खनन विभाग की टीम को कार्रवाई से रोकने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने तीन नामजद समेत 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मामला आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज दो शिकायतों की जांच के दौरान सामने आया। खनन विभाग के निरीक्षक सुखेन्द्र सिंह की तहरीर के अनुसार शिकायतों में कारो गांव निवासी संजय सिंह और चंदा सिंह पर वरुणा नदी से अवैध रूप से मिट्टी और बालू खनन कराने का आरोप लगाया गया था। मंगलवार को जांच के लिए पहुंची टीम ने नदी की धारा से जेसीबी मशीन द्वारा मिट्टी की खुदाई कर ट्रैक्टर में लोड किए जाने का कार्य होते पाया। तहरीर में कहा गया है कि टीम को देखकर जेसीबी चालक भागने लगा, जिसे मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने पकड़ लिया। मौके पर मौजूद पीयूष सिंह ने स्वयं को जेसीबी मालिक का पुत्र बताया। खनन संबंधी वैध अभिलेख मांगे जाने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद टीम ने जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए थाने ले जाना शुरू किया। आरोप है कि रास्ते में जेसीबी मालिक के घर के पास 8-10 लोग एकत्र हो गए और दोनों वाहनों को अपने परिसर के अंदर करा लिया। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाते हुए टीम तथा सुरक्षा में तैनात होमगार्ड को धमकाया गया। घटना की सूचना तत्काल थाना पुलिस, तहसील प्रशासन और अन्य अधिकारियों को दी गई।पुलिस ने खनन निरीक्षक की तहरीर पर संजय सिंह, चंदा सिंह, पीयूष सिंह समेत 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की 191(2), 132, 351(2) तथा उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली-2021 की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी जय प्रकाश यादव ने बताया कि खनन विभाग की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, जेसीबी मालिक चंदा सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनकी जेसीबी उनके घर की बाउंड्रीवाल के अंदर खड़ी थी और किसी प्रकार का कोई खनन कार्य नहीं हो रहा था। आरोप है कि खनन अधिकारी पुलिस के साथ उनके परिसर में जबरन घुस आए और परिवार के साथ अभद्रता की। चंदा सिंह का दावा है कि पूरी घटना उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है और वह मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे।

