विदाई प्रसंग से नम हुईं भक्तों की आँखें, क्षेत्र की प्रगति के लिए हुआ महामंत्र का जाप
नया सवेरा नेटवर्क
उमरछा, जौनपुर। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर स्थानीय उमरछा स्थित प्रसिद्ध मृत्युंजय महादेव धाम में धार्मिक अनुष्ठानों की अविरल धारा बह रही है। धाम में चल रहे 'श्री रामचरितमानस मास परायण के बारहवें दिन कथा व्यास पंडित श्रेय मिश्र ने "मिथिला से बारात की अयोध्या के लिए विदाई" का अत्यंत मार्मिक और जीवंत वर्णन किया।कथाव्यास पंडित श्रेय मिश्र ने प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब विवाह के सभी मांगलिक उत्सव संपन्न हो जाते हैं, तब राजा जनक और मिथिला वासी अत्यंत भारी मन से प्रभु श्री राम, चारों भाइयों और राजा दशरथ की बारात को अयोध्या के लिए विदा करते हैं। बेटी सीता की विदाई के समय राजा जनक जैसे परम ज्ञानी और विदेही पुरुष भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाते हैं। मिथिला की सभी माताएं और सखियां विदाई के करुण गीतों के बीच माता जानकी को सुखी वैवाहिक जीवन का उपदेश देती हैं।
विदाई का यह प्रसंग सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और कई भक्तों की आंखें नम हो गईं। इसके पश्चात बारात गाजे-बाजे के साथ अयोध्या के लिए प्रस्थान करती है, जहाँ पूरी अयोध्या नगरी दूल्हे और दुल्हनों के स्वागत में दीपों से जगमगा उठती है। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में पंडित राम सागर शुक्ल, पंडित त्रिलोकी नाथ शुक्ल, श्री कैलाश नाथ शुक्ल, पंडित हीरामणी उपाध्याय, अरविंद शुक्ल और संतोष शुक्ल मुख्य रूप से सहयोग कर रहे हैं।
कथा से पूर्व सुबह के सत्र में दीनानाथ उपाध्याय, सरोज उपाध्याय, शिवानी सिंह, तृप्ति और रिया सहित भारी संख्या में स्थानीय महिलाओं द्वारा 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र का सामूहिक जाप किया गया। इसके पश्चात गांव के पुरुष और महिला श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शिवलिंग पर पारंपरिक रूप से बेलपत्र और जल अर्पित किया। धाम के मुख्य गर्भगृह में विद्वान पंडित अभिनव मिश्र द्वारा महापुराण 'शिवपुराण' का सस्वर पाठ किया जा रहा है। साथ ही, समस्त क्षेत्रवासियों की सुख, समृद्धि और प्रगति के लिए प्रतिदिन 11 माला मृत्युंजय महामंत्र का विशेष जाप भी किया जा रहा है।
आयोजनों के इसी क्रम में प्रतिदिन होने वाले रुद्राभिषेक में आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय ने अपनी पत्नी पद्मावती उपाध्याय के साथ मुख्य यजमान के रूप में शिरकत की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान मृत्युंजय महादेव का विधि-विधान से दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर लोक-कल्याण की कामना की और कहा कि उमरछा का मृत्युंजय महादेव धाम संपूर्ण क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। आज पत्नी सहित बाबा का रुद्राभिषेक करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैंने महादेव से प्रार्थना की है कि वे हमारे क्षेत्र, समाज और देश के प्रत्येक नागरिक को आरोग्यता, सुख और समृद्धि प्रदान करें। ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखते हैं और समाज में समरसता का भाव पैदा करते हैं।
संध्याकाल में भगवान भोलेनाथ की भव्य आरती उतारी गई, जिसके बाद उपस्थित सैकड़ों भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर रमाशंकर उपाध्याय, शेषनाथ शुक्ल, लालसाहब शुक्ल, सदानंद शुक्ल, सतीश कुमार,अशोक शुक्ल, लालप्रताप सिंह अशोकानन्द शुक्ल, जयशंकर, रमेश निषाद, सहित अनेक महिला पुरूष सम्मिलित रहें।
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