स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के बाद देर रात की कार्यवाही
मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अधीक्षक ने दी तहरीर
नया सवेरा नेटवर्क
मछलीशहर, जौनपुर। नगर के इंद्रावती अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने देर रात प्रसूता की मौत के मामले की जांच के बाद सीज कर दिया है।मामले में प्राथमिकी दर्ज़ करने के लिए सी एच सी के अधीक्षक डॉ अजय सिंह ने देर रात कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी है।
बुधवार को उक्त अस्पताल में पवारा थाना क्षेत्र के सजईकला गांव निवासी ज्वाला में अपनी पत्नी रेनू (30)को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया।परिजन ने डाक्टर को बताया कि यह तीसरा बच्चा है। इससे पहले दो की नार्मल प्रसव हुआ है।डाक्टर ने थोड़ी देर बाद प्रसव में दिक्कत होने की बात कहते हुए सीजर से बच्चा पैदा करने पर परिजनों को सहमत कर आपरेशन किया।मृत बच्चा पैदा हुआ और प्रसूता की हालत गंभीर हो गई। उसे जिले के एक निजी अस्पताल में भेजा गया किंतु रक्तस्राव अधिक होने से उसकी मौत हो गई। मामले की जानकारी होने के बाद अस्पताल स्टाफ मौके से भाग गया।रात में जिले से मीटिंग अटेंड करने के बाद लौटे एडिशनल सी एम ओ राजीव यादव की उपस्थिति में अधीक्षक डॉ अजय सिंह अस्पताल पहुंचकर जांच किए तो केवल दो स्टाफ नर्स मौजूद मिली। कोई वैध प्रपत्र नहीं मिलने पर अस्पताल सीज कर दिया गया। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज़ करने के लिए कोतवाली में तहरीर दी गई है। हालांकि वृहस्पतिवार को परिजन शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही दाह संस्कार कर दिए।
अधोमानक अस्पतालों के विरुद्ध होगी कार्यवाही
सीएचसी के अधीक्षक डॉ अजय सिंह ने मामले में बताया कि उक्त अस्पताल में सीजर करने की अनुमति नहीं है। अनियमितता बरतने वाले अस्पताल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज़ करने के लिए पुलिस को लिखित सूचना दी गई है।क्षेत्र में चल रहे सभी निजी अस्पतालों की जांच के लिए अभियान चलाकर कार्यवाही करने की योजना बनाई गई है।
परिजन शव का नहीं चाहते हैं पोस्टमार्टम
सी ओ प्रतिमा वर्मा ने बताया कि मामले में पुलिस ने पीड़ित परिवार से संपर्क कर पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा तो उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं कराने और कोई कार्यवाही नहीं करने की लिखित सूचना दे दी है।
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