पंकज बिन्द @ महराजगंज, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के महराजगंज बाजार में खुले में मांस, मछली और मुर्गे की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। बिना लाइसेंस के चल रही सैकड़ों दुकानें आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही हैं। स्थानीय लोगों ने इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। क्षेत्र में सड़क किनारे ही बकरे का मांस और मछली की दुकानें सजी रहती हैं। आरोप है कि अधिकारी इस ओर अनदेखी कर रहे हैं। खुले में मीट-मुर्गा और मछली की बिक्री सरकारी आदेशों का उल्लंघन है जिसके बावजूद यह कारोबार फल-फूल रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार मांस और मछली विक्रेता कचरा भी वहीं खुले में फेंक देते हैं। इससे निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को भारी परेशानी होती है। राहगीर नाक बंद करके इन दुकानों के सामने से गुजरने को विवश हैं। ग्राहकों को साफ-सुथरा, ताजा और स्वस्थ मांस उपलब्ध कराने के लिए पशुपालन विभाग के एक डॉक्टर को यह जिम्मेदारी दी जाती है। डॉक्टर मीट कारोबारियों से मिलकर बेचे जाने वाले बकरों के स्वास्थ्य की जांच करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि बकरा बीमार न हो। मेडिकल जांच और डॉक्टरी सर्टिफिकेट के बाद ही मांस बाजार में बेचा जा सकता है।बता दें कि अवैध मांस की बिक्री पर प्रतिबंध है। मांस कारोबारियों के पास एक कमरा होना चाहिए जिसमें मांस के उत्पादन और बिक्री के लिए अलग-अलग जगह निर्धारित हो। वध किए जाने वाले बकरे का स्वस्थ होना सबसे अहम शर्त है। पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस को ऐसे मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार है।
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