Jaunpur : समाज को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले होते हैं मुनाफेकीन: मौलाना

जौनपुर। प्रो. शमीम हैदर साबिक़ डीन सांइस फैक्लटी बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बी.एच.यू) की धर्मपत्नी अक़ीला हैदर मरहूमा बिन्ते मोहम्मद अली मोहसिन मरहूम की मजलिसे शशमाही इमामबाड़ा दलेल खां उर्दू बाज़ार में आयोजित की गयी। तेलावते क़ुरआन के बाद मजलिस की शुरुआत सैय्यद समर रज़ा ज़ैदी, सैय्यद शाकिर नसीम वास्ती व‌ उनके हमनवा ने सोज़खानी से किया। शायर तनवीर जौनपुरी ने पेशखानी की। वहीं मजलिस को सम्बोधित करते हुये हुज्जत उल इस्लाम मौलाना सैय्यद अक़ील हुसैनी वाराणसी ने कहा कि इन्सानी समाज में दोगले इन्सानों से सबसे ज़्यादा नुक़सान है। अल्लाह ने कुरान में इन्सानों की तीन कैटेगरी बताई है मोमीन, काफिर, मुनाफीक़ जिसमें मुनाफेकीन की सख़्त शब्दों में निन्दा की गई है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम को कुफ्फार और मुशरेकीन से ज़्यादा मुनाफेक़ीन से नुक़सान पहुंचा है। शहादत मुसलमानों के लिए अल्लाह की तरफ से एक तोहफा है और ये उसी को नसीब होती है जो अपने अस्तित्व को अल्लाह के लिए समर्पित कर दे। कर्बला के शहीदों के मसायब जब पढ़ें तो मजलिस में मौजूद मोमेनीनो की आंखें अश्कबार हो गईं। अन्जुमन कौसरिया रजिस्टर्ड मोहल्ला रिज़वी खां ने नौहाखानी व मातम किया। संचालन सैय्यद असलम नक़वी ने किया।
अन्त में मजलिस में शामिल होने वालों का आभार शकील अहमद एडवोकेट रिटायर्ड बैंक मैनेजर और तहसीन अब्बास सोनी ने जताया। इस अवसर पर शौकत हुसैन, तहसीन शाहिद सभासद, सैय्यद परवेज़ हसन, तालिब रज़ा शकील एडवोकेट, शेख़ अली मंज़र डेज़ी, अली अब्बास, सरदार हुसैन, पत्रकार बिलाल जानी, सैय्यद इरशाद हुसैन ज़ैदी, सैय्यद अहसन रिज़वी नजमी, मोहसिन ज़ैदी, मौलाना सैय्यद दानिश आज़मी, सैय्यद ख़ादिम अब्बास रिज़वी, अरविन्द कनौजिया, राजेश गौतम, मोहम्मद फैसल, सरफराज अंसारी, सेराज अंसारी, वसीम रजा, सुहैल अहमद, शेरा अब्बास, अली एहरान, रियान अब्बास, दिलशाद हुसैन, इंतजार हुसैन, शबीहुल हसन, रिजवान हैदर, इंतेज़ार, रेहान, अनवर हुसैन जैदी, नायब हसन ज़ैदी, अबुसमामा मोती, बाबू सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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