संजय शुक्ला @ जौनपुर। नगर के सिटी रेलवे स्टेशन के दक्षिण और पूर्व के कोने पर बने रिहायशी कॉलोनी में गुरूवार को उस समय अफरा—तफरी मच गयी जब एक जगह एकत्रित कूड़े के ढेर से अचानक धुंआ निकलने लगा। बता दें कि उक्त काालोनी में उमरपुर, हरिबंधनपुर के अलावा कुछ अंश सैदनपुर और चांदपुर कॉलोनी का है। सफाई के नाम पर केवल एक डस्टबिन है। कॉलोनी के लोग सारा कूड़ा रेलवे के पूर्व साइड रेलवे परिसर में प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 के बगल में डालते हैं। उसी कूड़ा—करकट में गुरूवार को लगभग 2-3 बजे के बीच किसी तरह आग लग गई। उस समय प्लेटफार्म नम्बर 2 और 3 पर उपस्थित यात्री इस समय खेत में कटाई का समय होने के कारण कुछ किसान भी मौजूद थे। हालांकि कॉलोनी के लोग समर्सिबल की सहायता से आग पर काबू पा लिये। स्वाभाविक है कि जहां लोग इकट्ठा होंगे, वहां आरोप—प्रत्यारोप भी लगेंगे। लोगों ने कहा कि अगर यहां कूड़ा करकट न होता तो आग न लगती तब कॉलोनी वालों ने कहा कि हम लोगों ने कई शिकायतें नगर पालिका में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। केवल सफाई के नाम पर एक डस्टबिन है। ऐसे में लोग किसके पास जायं? अच्छाई इतनी थी कि कोई ट्रेन नहीं गुजरी, अन्यथा कुछ भी हो सकता था। कुछ भी हो, लोगों की सहायता से अगर आग पर काबू नहीं पाया गया होता तो बहुत बड़ी तबाही मच सकती थी जिसमें स्व. श्रीराम यादव, हरिराम यादव, पत्रकार हरी लाल यादव, भोला यादव, दूधनाथ यादव, राजदेव यादव, स्व. सहदेव यादव के गेहूं की फसल के अलावा कॉलोनी आग की लपेट में आ जाते। इसको लेकर तरह—तरह की चर्चाएं की जा रही हैं।
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