खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के गरोठन गांव में आयोजित भव्य सत्संग कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के राष्ट्रीय उपदेशक राजेश पाल ने कहा कि मनुष्य शरीर बड़े भाग्य से प्राप्त होता है और उससे भी बड़ा सौभाग्य तब माना जाता है जब किसी पूर्ण संत का सान्निध्य, नामदान और सत्संग प्राप्त हो जाय। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन केवल भौतिक सुख-सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि आत्मकल्याण के लिए मिला है। हम कौन हैं, कहां से आए हैं और हमें कहां जाना है, यह गूढ़ रहस्य केवल संत महात्मा ही जानते और बताते हैं। इसके लिये हमें संतों के समीप जाकर उनके आदेशों का पालन करना होगा और उनके बताये मार्ग पर साधना-भजन करना होगा। उन्होंने कहा कि जीव दया और अहिंसा पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी जीव-जन्तु परमपिता परमेश्वर की संतान हैं। धर्मग्रंथों में भी वर्णित है कि ईश्वर अंश जीव अविनाशी अर्थात प्रत्येक जीव में ईश्वर का वास है, इसलिये किसी भी जीव की हिंसा करना अथवा मांसाहार करना धर्म के विपरीत है। यदि मनुष्य इस दुर्लभ शरीर का सदुपयोग कर साधना करे तो भवसागर से पार पाया जा सकता है। सत्संग के दौरान पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। इस दौरान पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस दौरान जिले की युवा संगठन की ओर से राष्ट्रीय उपदेशक का भव्य स्वागत किया गया। मंच पर माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर केसम्मान व्यक्त किया गया। युवाओं को संबोधित करते हुए राजेश पाल ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा के साथ संस्कार भी अनिवार्य हैं। हर परिवार को चाहिए कि वह अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सत्संग से भी जोड़े, ताकि उनमें नैतिक मूल्यों का विकास हो और वे मानव धर्म का पालन करते हुए सभी जीवों पर दया करें।इस अवसर पर प्रवेश यादव (जिम्मेदार युवा संगठन जौनपुर), अखिलेश यादव, सीताराम, अखिलेश शर्मा, प्रिंस यादव, प्रभात, अनुराग पाल, सूर्यकांत, नितिन, महेंद्र बिंद, राहुल, कुंवर अभिषेक, प्रेमचंद रामू, फूलचंद, प्रमोद, संदीप जायसवाल, मोनू जायसवाल, राज यादव, कमलेश प्रजापति, मन्नू शर्मा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। अंत में कार्यक्रम आयोजक एवं शाहगंज तहसील अध्यक्ष सुरेश यादव ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
0 Comments