बारिश ने बरपाया कहर, फसलें हुई बर्बाद | #NayaSaberaNetwork

नया सबेरा नेटवर्क
हरदोई। हरदोई जिले में प्रकृति के कहर से किसान फिर बर्बाद हुआ है। बेमौसम बारिश ने उर्द, तिल्ली, मूंगफली, धान और मक्के की फसल बर्बाद कर दी है। बारिश इतनी तेज हुई है कि खेतों में एक से डेढ़ फीट तक पानी भरा हुआ है। यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो खेत में कटी पड़ी फसलें सड़ सकती हैं।
 बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान उड़द और तिल्ली को हुआ है। जिले में बड़ी संख्या में किसान उड़द और तिल्ली की खेती करते हैं। इसका कारण यह है कि इन फसल में लागत बहुत कम आती और मुनाफा खूब होता है। सधई बेहटा गांव निवासी किसान सुंदरलाल ने बताया कि उन्होंने 22 बीघे में उड़द बोई थी और जैसे ही कटाई शुरू की बारिश शुरू हो गई। भारी बारिश के कारण अब वह सड़ने की कगार पर पहुंच चुकी है।
 सिब्बपुरवा गांव के किसान राजेश सिंह का कहना है कि उन्होंने 6 एकड़ में उड़द की है, जो लगातार बारिश में पूरी तरह से खराब हो चुकी है। पौधे पीले पड़कर सड़ने लगे हैं। अब फसल का बचना मुश्किल है। वहीं, बावन गांव निवासी धीरेन्द्र और राजेन्द्र आदि किसानों ने बताया कि उन्होंने तिल्ली की खेती की। जिसमें लागत ज्यादा नहीं आती और बढ़िया मुनाफा होता है, लेकिन बारिश ने फसल को बर्बाद कर दिया। किसानों ने मांग की है कि उड़द और तिल्ली की खराब हुई फसल का सर्वे कर उन्हें मुआवजा दिया जाए।
 जिन किसानों ने मक्का काटकर खेत में डाली थी। उनके भुट्टे पानी में डूबने के कारण खराब हो रहे हैं। जिले में करीब दस हजार से ज्यादा किसान मक्का की खेती करते हैं और अच्छा मुनाफा कमाते हैं, लेकिन इस बार बारिश ने फसल बर्बाद कर दी।
 रामनगरा निवासी राधेश्याम बताते हैं कि उन्होंने 31 बीघे में मक्का की खेती की थी और जैसे ही उसे काटा, बारिश शुरू हो गई और उनके खेत में पानी भर गया। अब मक्का सड़ने का खतरा है। बेहटा निवासी मिंटू सिंह ने बताया कि उन्होंने मूंगफली बोई थी। अब वह तैयार है, लेकिन बारिश इतनी ज्यादा हुई कि खेत भर गया। अब पूरी फसल खराब होने का खतरा है। ऐसे में यदि लागत ही निकल आए तो बहुत होगा। वहीं, धान की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है।
 हरपालपुर क्षेत्र के ककरा गांव निवासी राजीव सिंह ने बताया कि उन्होंने 130 बीघे में धान की खेती की थी। धान पकने के बाद कटाई की और उसे खेत में सूखने के लिए छोड़ दिया, लेकिन बारिश से पूरा खेत पानी में डूब गया। अब सब धान सड़ने की कगार पर पहुंच गया। कई क्षेत्रों में धान की फसल तेज हवा और बारिश से पलट गई है। इसके अलावा धान की बालियां भी गिर गई हैं। जिन किसानों ने अभी हाल में ही आलू बोया था, उनके खेतों में भी पानी भरने से बीज सड़ने का खतरा है।

*वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के समन्वयक डॉ. राकेश कुमार यादव की तरफ से आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं | #NayaSaberaNetwork*
Ad


*Ad : जौनपुर का नं. 1 शोरूम : Agafya furnitures | Exclusive Indian Furniture Showroom | ◆ Home Furniture ◆ Office Furniture ◆ School Furniture | Mo. 9198232453, 9628858786 | अकबर पैलेस के सामने, बदलापुर पड़ाव, जौनपुर - 222002*
Ad




*मिर्च मसाला रेस्टोरेन्ट एण्ड होटल # ठहरने हेतु कमरे की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है। # ए.सी. रूम # डिलक्स रूम # रेस्टोरेन्ट # कान्फ्रेंस हाल # किटी पार्टी # बर्थ-डे # बैंकवेट हाल # क्लब मीटिंग # सम्पर्क करें - Mob. 9161994733, 9936613565* Ad



from Naya Sabera | नया सबेरा - No.1 Hindi News Portal Of Jaunpur (U.P.) https://ift.tt/3ASFYwN


from NayaSabera.com

Comments