Jaunpur : पूविवि के व्यवसाय प्रबन्धन विभाग में गम्भीर शैक्षणिक अनियमितताओं को लेकर छात्रों ने दिया अल्टीमेटम

विरेन्द्र यादव @ सरायख्वाजा, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन विभाग अंतर्गत संचालित एमबीए, एमबीए (एग्रीबिजनेस), एमबीए (ई-कॉमर्स) एवं बीबीए पाठ्यक्रमों में व्याप्त गंभीर शैक्षणिक अनियमितताओं, कक्षाओं के नियमित संचालन में विफलता तथा छात्रों के साथ हो रहे असंवेदनशील व्यवहार के विरोध में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो इसका सीधा असर सैकड़ों छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ेगा।
इस मौके पर छात्र नेता दिव्यांशु सिंह एवं ईश्विका सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति, कुलसचिव एवं कुलानुशासक को लिखित पत्र सौंपकर विभाग की वर्तमान शैक्षणिक एवं प्रशासनिक स्थिति से अवगत कराया। साथ ही बताया कि इस संबंध में 26 नवंबर 2025 को भी ज्ञापन दिया गया था किंतु अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही न होने के कारण विभाग की शैक्षणिक व्यवस्था लगातार गिरती जा रही है जिससे छात्रों में असंतोष और मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
छात्रों का कहना है कि विभागाध्यक्ष द्वारा नियमित रूप से समय पर विभाग में उपस्थित न रहने के कारण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कक्षाओं का नियमित संचालन नहीं हो रहा है और कभी पेंटिंग तो कभी अन्य प्रशासनिक कार्यों का हवाला देकर कक्षाएँ स्थगित कर दी जाती हैं। इसके अतिरिक्त समय-सारिणी को बार-बार बिना पूर्व सूचना बदला जाता है जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है। शिकायत करने पर छात्रों के साथ गैर-जिम्मेदाराना एवं असंवेदनशील व्यवहार किया जाता है जो एक शैक्षणिक संस्था की गरिमा के प्रतिकूल है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर उनसे शुल्क तो लिया गया किंतु भ्रमण को लेकर अब तक न कोई स्पष्ट योजना प्रस्तुत की गई और न ही छात्रों से समुचित संवाद किया गया। वहीं पिछले दो सेमेस्टर से मेंटर प्रणाली लागू न होने के कारण छात्रों को शैक्षणिक एवं मानसिक समस्याओं के समाधान में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस दौरान छात्र नेता ईश्विका सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी शिक्षक को व्यक्तिगत रूप से आरोपित करने के उद्देश्य से नहीं है। "हम शिक्षकों का सम्मान करते हैं और शिक्षक-छात्र संबंध की गरिमा हमारे लिए सर्वोपरि है। हमारा आग्रह है कि विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित एआई-आधारित कैमरों एवं उपलब्ध प्रशासनिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सत्य सामने आ सके और उचित कार्यवाही हो।"
वहीं छात्र नेता दिव्यांशु सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शैक्षणिक अनुशासन एवं छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम प्रयास है। छात्रों की मांग है कि वर्तमान विभागाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटाकर किसी योग्य, अनुभवी एवं संवेदनशील शिक्षक को विभागाध्यक्ष नियुक्त किया जाए तथा छात्रों के साथ बैठक कर समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाय।
छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दिया कि यदि 8 फरवरी तक विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस गंभीर विषय पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 9 फरवरी से सभी छात्र अपने शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा हेतु शांतिपूर्ण एवं व्यापक आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इसी क्रम में कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का निराकरण विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर दिव्यांशु सिंह, ईश्विका सिंह, छात्र प्रतिनिधि सरल श्रीवास्तव, धीरज सिंह, साईं राम यादव, रवि प्रजापति, प्रभात तिवारी, अंकित सिंह, आलोक पांडेय, सिद्धार्थ, अमन, आंशिक, सचिन, ऋतिक, निकिता, शिवानी, स्मृति, आदित्य, सैयद अली सहित तमाम छात्र—छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में व्यवसाय प्रबंधन विभाग की शैक्षणिक व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग किया।

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