Jaunpur : यशवंत गिरी पहलवान बने पूर्वांचल केशरी, शेर बहादुर की दी पटकनी

केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के गोबरा (कोड़रे) गांव में स्व. चन्द्रदेव यादव की 16वीं पुण्यतिथि पर रविवार को पूर्वांचल केशरी एवं राष्ट्रीय कुश्ती दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दंगल प्रतियोगिता में पहुंचे मुख्य अतिथि मछलीशहर सांसद प्रिया सरोज व विशिष्ट अतिथि सपा विधायक तूफानी सरोज ने धरती पुत्र स्व. मुलायम सिंह यादव व स्व. चंद्रदेव यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए फीता काटकर पहलवानों से हाथ मिलाते हुए भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ कराया। प्रतियोगिता में वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, जौनपुर,आजमगढ़, बलिया, बीएलडब्लू, मिर्जापुर व भदोही के कई दर्जन नामी गिरामी पहलवानों ने भाग लिया। पहलवानों के दांव पेंच ने सबका दिल जीत लिया।

प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में वाराणसी के यशवंत गिरी पहलवान ने जौनपुर के शेर बहादुर पहलवान को पटकनी देकर पूर्वांचल केशरी का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में 50 जोड़ी से अधिक पहलवानों ने जमकर दाव आजमाया। किसी के सिर पर जीत का ताज बंधा तो किसी ने हार से सीख लेकर अपना खेल बेहतर करने का संकल्प लिया। वहीं दंगल देखने के लिए भारी भीड़ भारी मैदान में रही मौजूद। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव व अवधनाथ पाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, डा. रागिनी सोनकर, अनिल यादव, यशवंत सिंह, डॉ. एके यादव समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम आयोजक सपा नेता नीरज पहलवान ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल मौजूद रही। कुश्ती की अध्यक्षता विधायक तूफानी सरोज ने किया।

गोबरा गांव का अखाड़ा क्षेत्र की है पहचान: प्रिया
गोबरा गांव में आयोजित दंगल प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि पहुँचीं सांसद प्रिया सरोज ने कुश्ती को स्वास्थ्य के लिए वरदान बताते हुए कहा कि कुश्ती शरीर और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी खेल है। कुश्ती न केवल शारीरिक मजबूती देती है, बल्कि अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास भी विकसित करती है। गोबरा अखाड़े की परंपरा और यहां के पहलवानों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह अखाड़ा क्षेत्र की पहचान है। उन्होंने घोषणा की कि गोबरा अखाड़े को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे ताकि यहां के प्रतिभाशाली पहलवान देश और प्रदेश में नाम रोशन कर सकें।

खेलोगे तो खिलोगे और खिलोगे तो फलोगे: ज्ञानप्रकाश
राष्ट्रीय कुश्ती दंगल में विशिष्ट अतिथि पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता व उद्योगपति ज्ञानप्रकाश सिंह ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलोगे तो खिलोगे और खिलोगे तो फलोगे। यहां आए हुए पहलवानों को मेरा यही नसीहत है कि आपका लक्ष्य ओलंपिक, एशियाड और गोबरा गांव का अखाड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अखाड़े के सुंदरीकरण के लिए कुछ ना कुछ जरूर करेंगे क्योंकि पहलवान यहां पर मिट्टी में खेलते है और जब नेशनल व इंटरनेशन खेलने जाते है तो उन्हें मैट पर खेलना पड़ता है और जो पकड़ मिट्टी पर मिलती है वह पकड़ मैट पर नहीं मिलती है जिससे उन्हें हार का मुंह देखना पड़ता है। ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिन पर विचार किया जायेगा। मैं चाह रहा हूं कि जौनपुर का नाम देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हो ये तभी हो सकता है जब बच्चे ओलंपिक में जाकर गोल्ड मेडल जीतकर देश, प्रदेश, जनपद व परिवार के साथ साथ खुद का नाम रोशन करेंगे।

पहली सीढ़ी पर पैर रखकर ऊपर के पायदान को छुआ जा सकता है: लकी
राष्ट्रीय कुश्ती दंगल के फीता काट कर समापन करने पहुंचे मल्हनी विधायक व कुश्ती दंगल के संरक्षण लकी यादव ने कहा कि छोटी छोटी प्रतियोगिताओं में मेहनत करके अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है क्योंकि कोई भी खिलाड़ी चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं होता है वह गरीब परिवारों से अपनी मेहनत के बल पर निकलते हैं। पहली सीढ़ी पर पैर रखकर कर ही ऊपर के पायदान को छुआ जा सकता है। इसके लिए हमें मेहनत और संघर्ष करने की जरूरत है। साथ ही मेरा यह वादा है कि जब भी राष्ट्रीय अध्यक्ष जी हमारे घर आएंगे तो इस गोबरा में जरूर आएंगे।

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