विकास यादव @ नौपेड़वा, जौनपुर। बक्शा विकास खण्ड के कर्तिहा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में रविवार को निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में एम्स दिल्ली से प्रशिक्षित एवं निदेव नेत्रालय नईगंज के नेत्र सर्जन व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र यादव ने करीब 250 मरीजों की आंखों की जांच कर परामर्श दिया और निःशुल्क दवाओं का वितरण किया।
शिविर में सबसे अधिक मोतियाबिंद के मरीज देखे गए। यहां डॉ. देवेंद्र यादव ने कहा कि 40 वर्ष की उम्र के बाद आंखों की विशेष देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है। समय पर जांच न होने से मोतियाबिंद जैसी बीमारियां अंधेपन का कारण बन सकती हैं। ऐसे में आवश्यकता होने पर समय रहते लेंस प्रत्यारोपण कराना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में आंखों की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है जिससे ड्राई आई, एलर्जी, जलन, लाली और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ने से रेटिना से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर लापरवाही न करें और तुरंत जांच कराएं। इस दौरान जनरल फिजिशियन डॉ. एसपी तथा चेस्ट व शुगर रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सोनी ने भी दर्जनों मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई। अंत में आयोजक ग्राम प्रधान कासिद अली ने आभार जताया।
शिविर में सबसे अधिक मोतियाबिंद के मरीज देखे गए। यहां डॉ. देवेंद्र यादव ने कहा कि 40 वर्ष की उम्र के बाद आंखों की विशेष देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है। समय पर जांच न होने से मोतियाबिंद जैसी बीमारियां अंधेपन का कारण बन सकती हैं। ऐसे में आवश्यकता होने पर समय रहते लेंस प्रत्यारोपण कराना चाहिए।
उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में आंखों की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है जिससे ड्राई आई, एलर्जी, जलन, लाली और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ने से रेटिना से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर लापरवाही न करें और तुरंत जांच कराएं। इस दौरान जनरल फिजिशियन डॉ. एसपी तथा चेस्ट व शुगर रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सोनी ने भी दर्जनों मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई। अंत में आयोजक ग्राम प्रधान कासिद अली ने आभार जताया।
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