महाराजगंज, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के राजपुर रूखार उसरिया बस्ती स्थित अनुसूचित जाति बस्ती और पटेल बस्ती में बिजली विभाग द्वारा आजादी के बाद से न तो बिजली का खंभा पहुंचाया गया है और न ही तार बिछाए गए हैं। इसके बावजूद इन बस्तियों के निवासियों को लाखों रुपये के बिजली बिल भेजे गए हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में बिजली विभाग और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
ग्रामीणों के अनुसार लगभग 7 वर्ष पूर्व बिजली विभाग के कर्मचारियों ने घर-घर जाकर आधार कार्ड एकत्र किए थे। उस समय उन्हें बताया गया था कि उनके घरों तक बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफार्मर लगाकर निःशुल्क विद्युत कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। हालांकि सात साल बीत जाने के बाद भी न बिजली का खंभा पहुंचा और न ही तार बिछाये गये लेकिन गलत तरीके से बिजली के बिल आने शुरू हो गये।इन बिलों को देखकर ग्रामीण परेशान हैं। कुछ प्रमुख बिलों में सियाराम गौतम का 59,070 रुपये, नंदलाल का 63,369 रुपये, पन्ना लाल गौतम का 55,352 रुपये, श्याम लाल गौतम का 60,791 रुपये, सुमित्रा पत्नी राजेंद्र का 35,334 रुपये, सुनारा पटेल का 46,000 रुपये, गीता देवी का 33,165 रुपये, उर्मिला पत्नी महेंद्र का 27,260 रुपये, नन्हकू पटेल का 87,000 रुपये, निशा पत्नी मूलचंद का 42,499 रुपये, केसर लाल का 48,000 रुपये, पारस वर्मा का 36,000 रुपये और निर्मला यादव का लगभग 46,000 रुपये का बिल शामिल है।
ग्रामीण केसर लाल पटेल और नन्हकू राम ने बताया कि उनके घरों से निकटतम बिजली का खंभा लगभग पांच सौ मीटर दूर है जहां से बिजली का तार खींचना संभव नहीं है। पीड़ित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल, बदलापुर विधायक रमेश चंद मिश्रा और विद्युत विभाग से जांच कर बिजली के बिल माफ करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दिया कि यदि बिल माफ नहीं किए गए तो वे प्रदर्शन करेंगे।
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