Jaunpur : ​सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन, उमड़ा सैलाब

मानव जीवन का परम लक्ष्य परमात्मा को प्राप्त करना है, क्योंकि प्रत्येक जीवात्मा प्रकृति के अधीन होता है और प्रकृति परमात्मा के अधीन। उक्त विचार कथा व्यास डॉ. रजनीकान्त द्विवेदी ने वरिष्ठ अधिवक्ता यादेवेंद्र चतुर्वेदी के आवास पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस संसार में वही दुखी है जो इस संसार में बने रहना चाहता है, क्योंकि इस संसार का नाम ही दुखालय है.!! कथा व्यास ने कृष्ण-सुदामा के चरित्र पर भी विस्तार से चर्चा किया।
इस अवसर पर राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर के निर्देशक डॉ अनिल त्रिपाठी, जेब्रा अध्यक्ष संजय सेठ, गीतांजलि के पूर्व अध्यक्ष शशि श्रीवास्तव, वर्तमान अध्यक्ष नीरज साह, राजीव मोहन अग्रवाल, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक बांके लाल सोनकर के अलावा मुख्य यजमान जितेन्द्र चतुर्वेदी, यादवेन्द्र चतुर्वेदी, मधुकर चतुर्वेदी, मिलन चतुर्वेदी, मनोज चतुर्वेदी सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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