हिमांशु विश्वकर्मा @ मड़ियाहूं, जौनपुर। फतेहपुर के लेखपाल सुधीर कुमार को आत्महत्या के लिये विवश करने के दृष्टिगत प्रशासन के विरोध एवं विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों लेखपालों ने शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर कहा गया कि फतेहपुर के बिंदकी कस्बे के एक गांव में मंगलवार को एक दुखद घटना हुई थी जिसमें लगभग 35 साल के सुधीर कुमार जो अभी-अभी राजस्व विभाग में लेखपाल बने थे, ने मंगलवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। सबसे दर्दनाक बात यह है कि उनकी शादी ठीक अगले दिन यानी 26 नवंबर को होने वाली थी। पूरा घर शादी की तैयारियों में डूबा हुआ था लेकिन सुधीर के मन पर बहुत भारी दबाव था। सुधीर दलित परिवार से थे जिन्होंने बहुत गरीबी और संघर्ष देखी थी।
परिवार सहित लेखपाल संघ का आरोप है कि सुधीर की मौत की वजह चुनाव आयोग का 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) का काम था। इस समय वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। लेखपालों पर भारी दबाव डाला जा रहा है। सुधीर की शादी की तारीख कई महीने पहले तय हो चुकी थी। उन्होंने तहसीलदार से शादी का हवाला देकर छुट्टी के लिए आवेदन भी दिया था लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला कि छुट्टी मंजूर हुई या नहीं।इसी को लेकर मड़ियाहूं तहसील परिसर में धरना—प्रदर्शन करके लेखपालों ने उपजिलाधिकारी नवीन कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को 6 सूत्रीश् ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन मड़ियाहूं तहसील अध्यक्ष अनिल कुमार के नेतृत्व में हुआ जहां उपस्थित लेखपालों ने मुख्य आरोपी पीसीएस अधिकारी संजय सक्सेना और अधिकारी शिवराम के खिलाफ आत्महत्या के लिये उकसाने का मुकदमा दर्ज किया जाय, की मांग किया। इसके अतिरिक्त मृतक लेखपाल की माता को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गयी।
इसी क्रम में लेखपालों ने एसआईआर की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग करते हुये कहा कि कम समय में काम पूरा करने का दबाव कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन को खतरे में डाल रहा है। संघ ने जिलाधिकारी के अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ सद्व्यवहार संवेदनशीलता और संवाद स्थापित करने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया। एक माह की वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि देने की मांग करते हुये लेखपाल संघ ने शासन के निर्देशानुसार नियमित बैठक करने की मांग किया।
साथ ही लेखपालों को सामान्य उपयोग चुनाव और मतदाता सूची पूर्ण पुनरीक्षण के दौरान अब परिभाषित ड्यूटी के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में एक माह के वेतन के बराबर मुकदमा भुगतान करने और उसने निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारियों के साथ सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर लेखपाल सुजीत कुमार, पंकज पाठक, शिवशंकर यादव, प्रमोद श्रीवास्तव, राम सिरोमन, अजय कुमार, सचिन्द्र कुमार, सोनू विश्वकर्मा सहित सैकड़ों लेखपाल मौजूद रहे।
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