बृजेश यादव/राकेश शर्मा, खुटहन, जौनपुर। युगपुरुष बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज की 122 दिवसीय शाकाहार–सदाचार, मद्य निषेध एवं आध्यात्मिक वैचारिक जनजागरण यात्रा का समापन पटैला रसूलपुर में हुआ। अंतिम पड़ाव पर महाराज जी के स्वागत के लिए जिले के विभिन्न अंचलों से भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे। शाम से ही अगवानी का यह दृश्य उत्साह और भक्ति से ओतप्रोत रहा।
संत पंकज जी महाराज के काफिले का बाजे–गाजे, दीप प्रज्वलित कलशों, पुष्पवर्षा और मालाओं से गर्मजोशीपूर्वक स्वागत किया गया। जिले के सभी ब्लॉकों द्वारा पाँच–पाँच भंडारों का आयोजन किया गया था जिससे आने वाले किसी भी श्रद्धालु को प्रसाद या भोजन की कमी का अनुभव नहीं हुआ।
सत्संग सम्बोधन से पहले संगत के जिलाध्यक्ष ऋषिदेव श्रीवास्तव ने जिले की संगत की ओर से महाराज जी को सम्मान पत्रक भेंट किया।
इसके पश्चात अपने आशीर्वचन में महाराज जी ने कहा कि यह मानव जीवन प्रभु-भजन और आत्मकल्याण के लिए मिला है। किसी जागृत महात्मा की खोज कर, सरल साधना और भजन के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। उन्होंने जिले में उपजी नवचेतना का उल्लेख किया और सभी प्रेमियों को प्रेरित किया कि वे अन्य लोगों को भी सुमिरन, ध्यान और भजन के लिए जागरूक करें।
महाराज जी ने समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और प्रबुद्धजनों से अपील किया कि वे स्वयं भी शाकाहार अपनाएं और युवा पीढ़ी को भी नशीले पदार्थों से दूर रखते हुए शाकाहारी जीवनशैली की प्रेरणा दें। नशामुक्त और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग तथा पत्रकार बंधुओं के सहयोग की सराहना करते हुये भविष्य में भी इसी सहयोग की अपेक्षा व्यक्त किया।
संत पंकज जी महाराज ने 28 नवम्बर से 2 दिसम्बर तक मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित पूज्यपाद दादा गुरु जी महाराज के 77वें पावन भंडारे में सम्मिलित होने का निमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम के उपरांत जनजागरण यात्रा का काफिला सीधे मथुरा आश्रम के लिये प्रस्थान कर गया।
संत पंकज जी महाराज के काफिले का बाजे–गाजे, दीप प्रज्वलित कलशों, पुष्पवर्षा और मालाओं से गर्मजोशीपूर्वक स्वागत किया गया। जिले के सभी ब्लॉकों द्वारा पाँच–पाँच भंडारों का आयोजन किया गया था जिससे आने वाले किसी भी श्रद्धालु को प्रसाद या भोजन की कमी का अनुभव नहीं हुआ।
सत्संग सम्बोधन से पहले संगत के जिलाध्यक्ष ऋषिदेव श्रीवास्तव ने जिले की संगत की ओर से महाराज जी को सम्मान पत्रक भेंट किया।
इसके पश्चात अपने आशीर्वचन में महाराज जी ने कहा कि यह मानव जीवन प्रभु-भजन और आत्मकल्याण के लिए मिला है। किसी जागृत महात्मा की खोज कर, सरल साधना और भजन के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। उन्होंने जिले में उपजी नवचेतना का उल्लेख किया और सभी प्रेमियों को प्रेरित किया कि वे अन्य लोगों को भी सुमिरन, ध्यान और भजन के लिए जागरूक करें।
महाराज जी ने समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों और प्रबुद्धजनों से अपील किया कि वे स्वयं भी शाकाहार अपनाएं और युवा पीढ़ी को भी नशीले पदार्थों से दूर रखते हुए शाकाहारी जीवनशैली की प्रेरणा दें। नशामुक्त और स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग तथा पत्रकार बंधुओं के सहयोग की सराहना करते हुये भविष्य में भी इसी सहयोग की अपेक्षा व्यक्त किया।
संत पंकज जी महाराज ने 28 नवम्बर से 2 दिसम्बर तक मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित पूज्यपाद दादा गुरु जी महाराज के 77वें पावन भंडारे में सम्मिलित होने का निमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम के उपरांत जनजागरण यात्रा का काफिला सीधे मथुरा आश्रम के लिये प्रस्थान कर गया।
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