#JaunpurLive : खुद के माँ ने फेंका तो दूसरी माँ ने अपनाया

केराकत जौनपुर।  केराकत तहसील अंतर्गत कोइलारी गावं में कोई महिला अपने नवजात बच्ची को सोनहापोखरा मंदिर के समीप सड़क के किनारे सड़क की पटरी पर छोड़ चली गयी।राहगीरों ने देखा तो बात आग की तरह पूरे गांव में फैल गयी।सभी इकट्ठा हो गयें।गांव के ही भानु प्रताप पुत्र पंचदेव व उनकी पत्नी को पता चलते ही पहुच कर बच्ची को उठाया और पुलिस को सूचना दी और ठंड से बच्ची की तबियत खराब होने से उसे अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे जौनपुर रेफर कर दिया गया जहाँ इलाज के बाद।पुलिस व एनजीओ की मदद से भानु प्रताप बच्ची को गोंद लेने की प्रक्रिया में जुट गए।भानु प्रताप से वार्ता करने पर उन्होंने बताया कि उनको दो पुत्र है पर पुत्री न होने से कहीं न कहीं उनको अपना घर सम्पूर्ण नही दिखाई देता था।इस लिए बच्ची मिलने की खबर पर वह तुरंत वहां पहुँच दरिया दिली दिखाते हुए बच्ची को अपने संरक्षण में लेने की इच्छा जाहिर की।जिसका सभी गाँव के लोगों ने बहुत नम आंखों से स्वागत किया।अब सवाल यह उठता है कि जिस माँ ने जन्म दिया उसने आखिर क्यों बच्ची को फेक दिया?क्या कन्या होना पाप है?या समाज मे कन्याओं को अभी भी हेय दृष्टि से देखा जा रहा है?हमारा समाज किस दिशा में जा रहा है?यदि हमारे समाज मे भानु प्रताप जैसे लोग नहीं रहेंगे तो इस समाज का होना ना होना अर्थहीन है! 


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