#JaunpurLive : सरिसवा नदी मामला एनजीटी के संज्ञान में : उद्धार की जगी आस

● बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी में रखा अपना पक्ष 

सरिसवा नदी मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के संज्ञान में आने के बाद इसके शीघ्र उद्धार की आस जगी है। इस मामले में अब तक की प्रगति के बारे में बताते हुए शिक्षाविद डॉ. स्वयंभू शलभ ने कहा कि रक्सौल में ईटीपी और एसटीपी लगाने की योजना का अनुमोदन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा 22.7.2019 को एवं केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा 18.9.2019 को किया जा चुका है। इस कड़ी में पीएचइडी द्वारा भी गत 18 मार्च 2020 को नदी की अद्यतन वाटर क्वालिटी रिपोर्ट भी सौंप दी गई। पानी में पीएच लेवल, टरबीडीटी और आइरन डिजायरेबल लिमिट से अधिक पाया गया वहीं टोटल कोलाई पॉजिटिव पाया गया था। 

डॉ. शलभ ने आगे बताया कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनजीटी में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि सरिसवा नदी को प्रदूषित नदियों की प्राथमिकता कैटेगरी III में चिह्नित किया गया है। इस नदी में बीरगंज शहर के डोमेस्टिक वेस्टेज के अतिरिक्त इस क्षेत्र में स्थित विभिन्न उद्योगों द्वारा इंडस्ट्रियल वेस्टेज भी गिराए जाते हैं। बीरगंज नेपाल का एक घनी आबादी वाला शहर है। भारतीय क्षेत्र में यह नदी कहीं भी औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित नहीं होती। वहीं रक्सौल अनुमंडल के अंदर तीन प्रमुख नालों का डोमेस्टिक वेस्ट/ सीवेज इस नदी में गिरता है। भारतीय जनगणना 2011 के अनुसार रक्सौल की आबादी 55532 है। सरिसवा नदी के संरक्षण और उद्धार के लिए एक्शन प्लान तैयार कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सौंपी गई है। रक्सौल के सीवेज प्रबंधन के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
सरिसवा नदी की वाटर क्वालिटी रिपोर्ट यह संकेत देती है कि यह नदी बिहार में प्रवेश करने से पहले ही पूर्णतया प्रदूषित हो जाती है। उसके बाद भारतीय क्षेत्र में इस नदी पर प्रदूषण का कोई विशेष भार नहीं है। 
आगे रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्व में यह मामला पत्रांक B- 4025 दि. 24.7.2019 द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा उठाया जा चुका है। 19 फरवरी 2020 को जल शक्ति मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय निगरानी समिति की बैठक में भी पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के मुख्य सचिव द्वारा इस मामले को उठाते हुए जल शक्ति मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय एवं केंद्रीय जल आयोग से विदेश मंत्रालय के जरिये नेपाल से जुड़ी इस प्रदूषण समस्या का समाधान किये जाने का अनुरोध किया गया। 
इससे पूर्व पीएमओ के निर्देश के आलोक में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार द्वारा नेपाल स्थित उद्योगों द्वारा प्रदूषित की जा रही सरिसवा नदी के मामले में विदेश मंत्रालय के माध्यम से आवश्यक कदम उठाए जाने हेतु जल शक्ति मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं केंद्रीय जल आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपी गई थी।
डॉ. शलभ ने उम्मीद जताई है कि इन तमाम प्रयासों एवं प्रक्रियाओं का सकारात्मक नतीजा शीघ्र दिखाई देगा।


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