हर दलों में उनकी थी स्वीकार्यरता : गिरीश चंद्र यादव
पूर्व सांसद केपी सिंह ने मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर किया सम्मानित
टीडीपीजी कॉलेज के बलरामपुर हाल में मनाई गई अमर शहीद उमानाथ सिंह की 32वीं पुण्यतिथि
जौनपुर। उमानाथ सिंह स्मृति सेवा संस्थान द्वारा टीडीपीजी कॉलेज के बलरामपुर हाल में अमर शहीद उमानाथ सिंह की 32वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में बतौर मुख्य अतिथि न्यायालय तथा स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल ने कहा कि ठा. उमानाथ सिंह की राजनीति ने शुचिता, पारदर्शिता एवं उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से हम नेताओं को सीख लेने की जरूरत है। उनके राजनीतिक कार्यकाल में उनके दामन में कभी दाग नहीं लगा। ऐसे महापुरुष की श्रद्धांजलि समारोह में भाग लेने का मौका मिला हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि 1991 में हमारी पहली मुलाकात हुई थी। मेरे पिता रामाशंकर जायसवाल जनसंघ से जुड़े थे और बाबू उमानाथ सिंह के परिवार से बहुत पुराना संबंध है। जब वह कारागार मंत्री थे तो मुझे केंद्रीय कारागर में विजिटर बनाए थे।
श्री जायसवाल ने यह भी जिक्र किया कि इस दुनिया में माता पिता से बड़ा कोई नहीं है। आज कल बच्चे पढ़ लिखकर विदेशों में जाकर नौकरी करने के दौरान अपने माता पिता को भूल जा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। कम से कम माता पिता के जन्मदिन और त्योहारों पर आकर उनके मिलना चाहिए। कहा कि टीडीपीजी कॉलेज का शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। इस कॉलेज में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की तुलना किसी ठेकेदार और धनपशु से नहीं करना चाहिए। शिक्षक छात्रों के भविष्य को संवारते हैं। शिक्षा राष्ट्र के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देती है।
विशिष्ट राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण विभाग गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि ठा. उमानाथ सिंह की अपनी राजनीतिक जीवन में एक अलग विचारधारा थी और वह समाज व देश के लिए उसी विचारधारा के तहत कार्य करते थे। उन्होंने संगठन के रूप में भी बेहतर कार्य किया और हर दलों ने उनकी स्वीकार्यरता थी। उनकी तरह राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता अपने जीवन में लाने का प्रयास ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कहा कि वह जिस तरह का संस्कार अपने परिवार में दिए हैं उससे आज उनका परिवार हरा भरा है।
आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. आरएन त्रिपाठी ने कहा कि ठा. उमानाथ सिंह मृदुल व सरल स्वभाव के थे। उनके इस वैभव के विरासत को उनके सुयोग्य पुत्र पूर्व सांसद डॉ. केपी सिंह संभाल रहे हैं। उमानाथ सिंह जैसा व्यक्तित्व विरले ही देखने को मिलता है। उनके किए गए कार्यों के माध्यम से ही आज 32 साल बाद भी लोग याद कर रहे है। बदलापुर के विधायक रमेश मिश्रा ने भी उमानाथ सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके त्याग और बलिदान से सीख लेने की जरूरत है। पूर्व सांसद डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह केपी ने मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम भेंटकर सम्मानित किया एवं कार्यक्रम के अंत में आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्राचार्य डॉ. समर बहादुर सिंह ने किया। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला सिंह, भाजपा मछलीशहर जिलाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह, जौनपुर के जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, मंडल के शिक्षक नेता सुधाकर सिंह, डॉ. नवाब सिंह, डॉ. विजय सिंह, उपेंद्र सिंह, वशिष्ठ नारायण सिंह, डॉ. अरविंद सिंह, डॉ. मनोज सिंह, विशाल सिंह, सूर्य प्रताप सिंह मुन्ना, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रभुवन सिंह, वंशलोचन सिंह, बृजेश सिंह माधोपट्टी, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, पूर्व विधायक बांकेलाल सोनकर, डॉ. अंजना सिंह, उमानाथ सिंह सीनियर सेकेड्री स्कूल के शिक्षक, शिक्षिकाएं समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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