संघ की संगोष्ठी में स्थापना, उद्देश्य और भारतीय संस्कृति पर हुई चर्चा
मड़ियाहूं। नगर के गोला बाजार स्थित श्री शालिग्राम उत्सव भवन सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विभाग बौद्धिक प्रमुख मनोज गुप्ता ने संघ की स्थापना, उसके सामने आई चुनौतियों और उनके समाधान के प्रयासों पर विस्तार से विचार रखे।
संघ के उद्देश्य पर रखे विचार
मनोज गुप्ता ने कहा कि संघ का प्रमुख उद्देश्य भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द किसी एक संप्रदाय विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार हिंदू समाज विश्व कल्याण की भावना में विश्वास करता है और समाज के सशक्त होने से राष्ट्र भी मजबूत होता है।
विदेशी शासन के दौर का किया उल्लेख
उन्होंने कहा कि भारत ने लंबे समय तक विदेशी शासन का सामना किया। इसके बावजूद भारतीय समाज ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक पहचान को बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखा। उन्होंने कहा कि विभिन्न चुनौतियों के बीच भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
गुरुकुल परंपरा पर भी चर्चा
मनोज गुप्ता ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए गुरुकुल परंपरा की चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक समय देश में बड़ी संख्या में गुरुकुल संचालित होते थे, जहां विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन मूल्यों का ज्ञान दिया जाता था। उनके अनुसार अंग्रेजी शासन के दौरान लाई गई शिक्षा पद्धति से पारंपरिक भारतीय शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।
बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन रहे मौजूद
संगोष्ठी में संघ चालक रमेश खरवार, खंड कार्यवाह संतोष दुबे, जिला प्रचारक राजेंद्र, डॉ. अजय सिंह, दीपक द्विवेदी, डॉ. राजेश पांडेय समेत बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, सामाजिक संगठन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
