जौनपुर। जिलाधिकारी डा. दिनेश चन्द्र ने बीते 18 मार्च को आयोजित बैठक में किसानों की सहायता हेतु विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा किया। बैठक में अंतर्राष्ट्रीय संगठन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा शुरू किये गये किसान संगठन स्वयम क्षीर उत्पादक (Farmer Manufacturer Organisation -skpcl) ने भी भाग लिया। इस दौरान एसकेपीसीएल की अध्यक्ष गीता देवी ने बताया कि यह परियोजना पिछले 15 वर्षों से इस क्षेत्र में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने के मार्गदर्शन के साथ सेवा प्रदान कर रही है। यह भी बताया कि इस क्षेत्र में काम करना बहुत कठिन है और संगठन को कई अवांछित कानूनी मामलों का सामना करना पड़ता है। इन सबके साथ संगठन ऋण लेकर किसानों की मदद करना जारी रखता है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, संभागीय आयुक्त, जिलाधिकारी इस संगठन का समर्थन करना जारी रखेंगे। इस संगठन ने अमूल सहकारी और एनडीडीबी प्रबंधित डेयरियों को लाने में भी मदद की, क्योंकि यह संगठन इस क्षेत्र में अपनी तरह का पहला संगठन है और ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय कृषि बैंक के रूप में काम करता रहेगा। उन्होंने भानु चन्द्र गोस्वामी जैसे जिलाधिकारी द्वारा की गयी मदद के बारे में भी बताया। वर्तमान जिलाधिकारी सरकार की सलाह के तहत एसकेपीसीएल द्वारा आयुर्वेदिक हर्बल खेती की शुरुआत और स्कूल हर्बल गार्डन पर जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जो नवम्बर 2025 में हुआ था।इस मौके पर जिलाधिकारी डा. दिनेश चन्द्र ने सरकारी योजनाओं को इच्छुक और प्रतिबद्ध किसानों तक पहुंचाकर डेयरी विकास गतिविधियों को और अधिक शामिल करने के निर्देश के साथ इस किसान संगठन के प्रयासों की सराहना किया। धन्यवाद ज्ञापन करते हुये प्रबन्ध निदेशक डॉ. राजा रत्नम ने बताया कि इस परियोजना क्षेत्र को विभिन्न राज्यों तक विस्तारित किया गया है, ताकि इच्छुक और प्रतिबद्ध किसानों को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए व्यवस्थित रूप में लाभ मिल सके।
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