Jaunpur : ​सनातन धर्म का अर्थ शाश्वत, अनादि एवं अनन्त है: कौशल किशोर

मड़ियाहूं, जौनपुर। स्थानीय नगर के दिलावरपुर गौशाला स्थित विश्वकर्मा मंदिर पर सनातन धर्म रक्षा पीठ वृंदावन एवं मुख्य पक्षकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं ज्ञानवापी प्रकरण के संस्थापक आध्यात्मिक वक्ता पीठाधीश्वर कौशल किशोर ठाकुर जी ने कहा कि सनातन धर्म शाश्वत, अनादि और अनंत है। उन्होंने श्री विश्वकर्मा भगवान का पूजन अर्चन कर भक्तों में सनातन के प्रति अपनी वाणी की अमृत वर्षा किया। मंगलवार को 12 दोपहर श्रीमद् भागवत कथा एवं श्रीराम कथा और शिव महापुराण के आध्यात्मिक वक्ता पीठाधीश्वर कौशल किशोर ठाकुर जी ने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ है जो शाश्वत, अनादि और अनंत है जो हमेशा से था है और रहेगा। सनातन वेदों, उपनिषदों, पुराणों और प्राचीन ज्ञान पर आधारित है। सनातन धर्म कर्म, पुनर्जन्म, मोक्ष और नैतिकता पर आधारित है, इसी को 'धर्म' कहा जाता है। पीठाधीश्वर ने विश्वकर्मा भगवान के प्रांगण में मौजूद भक्तों को सनातन धर्म की रक्षा के लिए पहुंचे भक्तों को संबोधित किया। साथ ही कहा कि गौशाला स्थित यह विश्वकर्मा भगवान का दिव्य मंदिर लोगों की आस्था का भविष्य में प्रतीक बनेगा। इस दिव्य मंदिर की अलौकिकता का जब हमें पता चला तो मेरे पैर भगवान के दरबार में आने से नहीं रूक पाया और मेरा सौभाग्य रहा कि मैं विश्वकर्मा भगवान की चरणों में पहुंचकर उनकी चरण वंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर विश्वकर्मा मंदिर के अध्यक्ष राममूरत विश्वकर्मा, महामंत्री लालजी विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष रामलाल विश्वकर्मा, नोहर सिंह, धीरज सिंह, आकाश विश्वकर्मा, रामसूरत मौर्य सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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