जौनपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के जनपद शाखा की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर्स कार्यालय में जनपदीय अध्यक्ष सीबी सिंह की अध्यक्षता में हुई जिसका संचालन जिला मन्त्री कृपाशंकर उपाध्याय ने किया।
इस मौके पर श्री सिंह ने बताया कि वेतन आयोग की बेवसाइट लांच हो गयी है जिस पर संगठनों से 16 फरवरी तक सुझाव मांगा गया है। इसी क्रम में संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने जनपदों से सुझाव मांगा है। जनपद के किसी पेंशनर्स द्वारा कोई सुझाव देना हो तो पेंशनर्स संगठन को 12 फरवरी तक अपना सुझाव प्रस्तुत कर दें जिससे समय से प्रदेश स्तर पर भेजा जा सके। गजट नोटीफिकेशन से पेंशनर्स के टर्म्स रिफरेन्स को सम्मिलित नहीं किये जाने से पेंशनर्स में भ्रम की स्थिति बनी हुई है जिसे भारत सरकार से दूर करने की मांग की गयी।
बैठक में स्थानीय समस्याओं में प्रमुख चिकित्सा प्रतिपूर्ति में कुछ कार्यालयाध्यक्ष स्तर से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की कार्यवाही की जा रही है जिससे पेंशनर्स के गम्भीर बीमारी की चिकित्सा प्रभावित हो रही है। यह प्रकाश में लाया गया कि कुछ कार्यालयाध्यक्ष चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक को शासनादेश के अनुसार तकनीकी परीक्षण हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को न भेजकर मौखिक रूप से बीमारी का नाम बताकर देयक अपने स्तर पर रोक रखे हैं। बैठक में भर्त्सना करते हुए कार्यवाही का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर राजेश श्रीवास्तव, मिठाई लाल, अशोक मौर्य, कंचन सिंह, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, नन्दलाल सरोज, विक्रमाजीत यादव, गोरखनाथ माली, चन्द्रशेखर सिंह, इं. मदन मोहन, दिनेश सिंह, ओंकार नाथ मिश्र, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, शम्भूनाथ यादव, कृष्ण मोहन श्रीवास्तव, ओम प्रकाश सिंह, दशरथ राम, शारदा प्रसाद श्रीवास्तव, कान्ति सिंह, लालमनी देवी, कमला देवी, राम अवध लाल, राम प्रताप सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
इस मौके पर श्री सिंह ने बताया कि वेतन आयोग की बेवसाइट लांच हो गयी है जिस पर संगठनों से 16 फरवरी तक सुझाव मांगा गया है। इसी क्रम में संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने जनपदों से सुझाव मांगा है। जनपद के किसी पेंशनर्स द्वारा कोई सुझाव देना हो तो पेंशनर्स संगठन को 12 फरवरी तक अपना सुझाव प्रस्तुत कर दें जिससे समय से प्रदेश स्तर पर भेजा जा सके। गजट नोटीफिकेशन से पेंशनर्स के टर्म्स रिफरेन्स को सम्मिलित नहीं किये जाने से पेंशनर्स में भ्रम की स्थिति बनी हुई है जिसे भारत सरकार से दूर करने की मांग की गयी।
बैठक में स्थानीय समस्याओं में प्रमुख चिकित्सा प्रतिपूर्ति में कुछ कार्यालयाध्यक्ष स्तर से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर की कार्यवाही की जा रही है जिससे पेंशनर्स के गम्भीर बीमारी की चिकित्सा प्रभावित हो रही है। यह प्रकाश में लाया गया कि कुछ कार्यालयाध्यक्ष चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक को शासनादेश के अनुसार तकनीकी परीक्षण हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को न भेजकर मौखिक रूप से बीमारी का नाम बताकर देयक अपने स्तर पर रोक रखे हैं। बैठक में भर्त्सना करते हुए कार्यवाही का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर राजेश श्रीवास्तव, मिठाई लाल, अशोक मौर्य, कंचन सिंह, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, नन्दलाल सरोज, विक्रमाजीत यादव, गोरखनाथ माली, चन्द्रशेखर सिंह, इं. मदन मोहन, दिनेश सिंह, ओंकार नाथ मिश्र, राजेन्द्र प्रसाद सिंह, शम्भूनाथ यादव, कृष्ण मोहन श्रीवास्तव, ओम प्रकाश सिंह, दशरथ राम, शारदा प्रसाद श्रीवास्तव, कान्ति सिंह, लालमनी देवी, कमला देवी, राम अवध लाल, राम प्रताप सिंह सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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